मोची के बेटे ने तोड़ी IIT की दीवार : Inspirational Story of Cobbler Son in Hindi

Inspirational Story of Cobbler Son in Hindi (IIT 2010)

कहा जाता है कि अगर इंसान में संघर्ष और कठिन मेहनत करने की क्षमता हो तो दुनिया में ऐसा कोई मुकाम नहीं है जिसे हासिल ना किया जा सके । कवि रामधारी सिंह दिनकर ने सही ही कहा है कि “मानव जब जोर लगाता है, पत्थर पानी बन जाता है”।

Abhishek Kumar Bharti IIT
Abhishek Kumar Bharti IIT

ये कथन कानपुर के रहने वाले अभिषेक पे बिल्कुल सही बैठता है । सोना तपकर ही कुंदन बनता है और इतिहास गवाह है कि जिन लोगों ने अपना जीवन अभावों में गुजारा है वही लोग आगे चलकर सफलता को हासिल करते हैं ।

कोई भी माँ बाप कितने भी गरीब हों पर सबका सपना होता है कि उनका बच्चा खूब पढ़ाई करे । ऐसी ही एक बहुत गरीब परिवार की कहानी है जो दिल को छूते हुए गहरे सन्देश छोड़ती है।

कानपुर के रहने वाले अभिषेक कुमार भारती ने 2010 में भारत के सबसे कठिन इंजीनियरिंग परीक्षा IIT -JEE को पास किया जो अपने आप में एक अद्भुत उपलब्धि है ।

अभिषेक के पिता राजेन्द्र प्रसाद एक जूता सिलने वाले मोची हैं ,ये सुनने में जरूर अजीब लगेगा लेकिन सत्य है और माँ घर में लोगों के फटे कपड़े सिलकर कुछ पैसे इकट्ठे करती हैं । परिवार की रोज की दैनिक आमदनी मुश्किल से 150 रुपये है जिसमें परिवार का खर्चा चलना बहुत ही मुश्किल है । और घर के नाम पर एक छोटा सा कमरा है ।

कई बार अभिषेक खुद पिता की अनुपस्थिति में जूतों की सिलाई करता था । कभी कुछ पैसे कमाने के लिए नगरपालिका के कर्मचारियों के साथ काम भी करता था । लेकिन पढ़ने की चाह अभिषेक में शुरू से ही थी ।

वो रात भर जागकर पढाई करता । घर में बिजली कनेक्शन नहीं था तो लालटेन जला कर ही रात को पढाई करनी पढ़ती थी ।

अच्छी पढाई के लिए ना कोचिंग के पैसे थे और ना ही किताबें खरीदने के, फिर भी अभिषेक जी जान से लगा रहता था । वो कभी हार ना मानने वाले लोगों में से था, अपने दोस्तों से पुरानी किताबें लेकर पढाई किया करता था ।

उसकी लगन के आगे आखिर किस्मत को झुकना ही पड़ा और अभिषेक ने वो उपलब्धि हासिल की जिसका लाखों भारतीय छात्र सपना देखते हैं ।

तो मित्रों , सफलता कोई एक रात का खेल नहीं है जो पलक झपकते किस्मत बदल जाएगी , आपको कठिन मेहनत करनी होगी खुद को संघर्ष रूपी आग में तपाना होगा, फिर देखिये दुनिया आपके कदमों में झुक जाएगी ।

ये लेख देंगे आपको प्रेरणा –
पढाई में सफलता की टिप्स
खुद वो बदलाव बनिये जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं
सफल करियर के लिए कितना जरुरी है लक्ष्य बनाना
ऑटो चलाने वाले की बेटी करोड़पति कैसे बनी

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18 Comments

  1. मानव असफल कब होता है जब वह स्वयँ के अन्दर उठे हुए तूफान के प्रति सोचने के लिए आत्मा द्वारा प्रेरित किए जाने पर कोई अग्रिम कार्यवाही हेतू अवधि निश्चित करता है ॥ ॥ ॥

    पण्डित सचिन
    8756082420

  2. आपकी यह कहानी मुझे बहुर प्रेरक लगी. पवन जी आपकी साईट हमें काफी सपोर्ट करती है जिससे हमारा मनोबल बढ़ता है और सोच सकारात्मक होती है.

  3. dosto…… aap me se bahut ese he jo abhi apni life ko khul ke nahi jii rahe he …. unko unki problem se nikal naa nahi aa raha he… but esaa nahi he problem he to solutions 101% he … bas aap ko dikhta nahi…. plz yaar ese apni life ko west mat karo … koi bi problem any problem Share with me …. i 100 % sure ki mere paas he aap ka solution…. plz msg me on Whatsapp my num “”8290797946″” only on whtsapp …. life is so so beautiful bas aap logo ko jii na nahi aata ??????

  4. Sir aaj mai tin shalo se bimar hu mai doctor bnna chahta hu meri pdae b band ho gae hai kya mai sangharsh nahi kar rha agar kitni bhi garibi ho agar insan ke sath uska health ho to o kuch bhi kar lega

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