Hindi Poem

  • Harivansh Rai Bachchan Poems in Hindi

    Harivansh Rai Bachchan Poems in Hindi | हरिवशं राय बच्चन की कविताएँ

    Harivansh Rai Bachchan Poems in Hindi for Children लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है, चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है। मन का विश्वास रगों में साहस भरता है, चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है। आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है, जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है। मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में, बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में। मुट्ठी उसकी खाली हर बार…

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  • Short Poem on Mother in Hindi

    माँ पर कविता Beautiful Poem on Mother in Hindi Language

    Heart Touching Poem on Mother in Hindi आज मेरा फिर से मुस्कुराने का मन किया। माँ की ऊँगली पकड़कर घूमने जाने का मन किया॥ उंगलियाँ पकड़कर माँ ने मेरी मुझे चलना सिखाया है। खुद गीले में सोकर माँ ने मुझे सूखे बिस्तर पे सुलाया है॥ माँ की गोद में सोने को फिर से जी चाहता है। हाथो से माँ के खाना खाने का जी चाहता है॥ लगाकर सीने से माँ ने मेरी मुझको दूध पिलाया है। रोने और चिल्लाने पर बड़े प्यार से चुप कराया है॥ मेरी तकलीफ में मुझ से ज्यादा मेरी माँ ही रोयी है। खिला-पिला के मुझको…

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  • महाकवि दिनकर की Motivational Poem in Hindi for Students

    सच है, विपत्ति जब आती है, कायर को ही दहलाती है, सूरमा नही विचलित होते, क्षण एक नहीं धीरज खोते, विघ्नों को गले लगाते हैं, काँटों में राह बनाते हैं मुँह से न कभी उफ़ कहते हैं, संकट का चरण न गहते हैं, जो आ पड़ता सब सहते हैं, उद्योग-निरत नित रहते हैं, शूलों का मूल नसाते हैं, बढ़ खुद विपत्ति पर छाते हैं। है कौन विघ्न ऐसा जग में, टिक सके आदमी के मग में? खम ठोक ठेलता है जब नर, पर्वत के जाते पाँव उखड़, मानव जब ज़ोर लगाता है, पत्थर पानी बन जाता है। गुण बड़े एक…

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  • Pushp Ki Abhilasha

    Pushp Ki Abhilasha पुष्प की अभिलाषा Makhanlal Chaturvedi Poems in Hindi

    पुष्प की अभिलाषा Pushp Ki Abhilasha चाह नहीं मैं सुरबाला के गहनों में गूँथा जाऊँ, चाह नहीं, प्रेमी-माला में बिंध प्यारी को ललचाऊँ, चाह नहीं, सम्राटों के शव पर हे हरि, डाला जाऊँ, चाह नहीं, देवों के सिर पर चढ़ूँ भाग्य पर इठलाऊँ। मुझे तोड़ लेना वनमाली! उस पथ पर देना तुम फेंक, मातृभूमि पर शीश चढ़ाने जिस पर जावें वीर अनेक… वाकई बहुत ही जीवंत कविता लिखी है माखनलाल चतुर्वेदी जी ने। सही कहा गया है कि जहाँ ना पहुँचे रवि, वहाँ पहुँचे कवि… देशभक्तों को समर्पित ये कविता अपने अंदर एक गहरा सन्देश छुपाए हुए है। माखनलाल चतुर्वेदी…

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  • Heart Touching Poem on Labour Day in Hindi

    [श्रमिक दिवस] मजदूर दिवस पर कविता : Poem on Labour Day in Hindi

    रामदीन जी द्वारा रचित मजदूर दिवस पर कविता श्रमिक दिवस पर कविता आज हम आप लोगों के समक्ष कवि रामदीन जी द्वारा रचित, मजदूर दिवस पर एक विशेष कविता प्रस्तुत कर रहे हैं – मजदूर हैं हम, मजबूर नहीं चलता है परदेश कमाने हाथ में थैला तान थैले में कुछ चना, चबेना, आलू और पिसान… टूटी चप्‍पल, फटा पजामा मन में कुछ अरमान ढंग की जो मिल जाये मजूरी तो मिल जाये जहान।। साहब लोगों की कोठी पर कल फिर उसको जाना है तवा नहीं है फिर भी उसको तन की भूख मिटाना है… दो ईटों पर धरे फावड़ा रोटी…

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  • Desh Bhakti Geet - Apni Aazadi Ko Hum Hargij Mita Sakte Nahi

    Desh Bhakti Par 5 {Desh Bhakti Geet in Hindi}

    स्कूल में गाने के लिए देश भक्ति गीत – भारतीय देश भक्ति गीत (सॉन्ग) ये देश भक्ति गीत उन शहीदों को समर्पित हैं जिन्होंने अपने लहू की बूंदों से आजाद भारत की धरती को सींचा है| इन लोकप्रिय Desh Bhakti Geet in Hindi और गानों के माध्यम से हम आजादी के उन दीवानों को नमन करते हैं जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए हँसते हँसते अपने प्राणों की आहुति दे दी| ये सभी देश भक्ति गीत फिल्मों से और विभिन्न लेखों से लिए गये हैं – अपनी आजादी को हम हरगिज मिटा सकते नहीं अपनी आज़ादी को हम हरगिज़ मिटा…

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  • Radha Krishna Hindi Kavita

    {श्री कृष्णा} हो काल गति से परे चिरंतन | कुमार विश्वास

    हो काल गति से परे चिरंतन ~ कुमार विश्वास जी की कविता सुप्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास जी इस कविता को सुनकर में इसे बिना शेयर किये नहीं रह पाया| इस कविता ने मुझे इतना मंत्रमुग्ध किया कि इसको सुनते ही मैंने सब कार्य छोड़कर इसे हिंदीसोच पर पब्लिश कर दिया| मैं हिंदीसोच के पाठकों से कहना चाहूंगा कि इस कविता कि सुनें नहीं बल्कि महसूस करें| त्रिलोक के स्वामी एवं भगवान विष्णु के अवतार, श्री कृष्णा से जुड़ी ये कविता आपको अंदर तक आनंदित कर देगी, आइये कविता का आनंद लेते हैं – हो काल गति से परे चिरंतन, अभी…

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  • Poem on Mother's day in Hindi

    कविता माँ, Mother’s Day Poem in Hindi

    Sweet and Short Mother’s Day Poem in Hindi घुटनों से रेंगते रेंगते कब पैरों पर खड़ा हुआ, तेरी ममता की छाओं में जाने कब बड़ा हुआ! काला टीका दूध मलाई आज भी सब कुछ वैसा है, मैं ही मैं हूँ हर जगह प्यार यह तेरा कैसा है? सीधा साधा भोला भाला मैं ही सबसे अच्छा हूँ, कितना भी हो जाऊं बड़ा माँ, मैं आज भी तेरा बच्चा हूँ! Hindi Mother’s Day Poem – Heart Touching Lines पहली बार किसी गज़ल को पढ़कर आंसू आ गए शख्सियत ए ‘लख्ते-जिगर’, कहला न सका, जन्नत के धनी वो पैर, कभी सहला न सका…

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  • Deshbhakti Kavita

    देशभक्ति कविता इन हिंदी : चन्द्रशेखर आजाद! Desh Bhakti Poem

    देश प्रेम पर देशभक्ति कविता ये देशभक्ति कविता (Hindi Deshbhakti Kavita/Poem) महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के बलिदान और उनके आजाद भारत के सपने पर आधारित है| इस हिंदी देशभक्ति कविता में कवि ने अपनी बातों से झकझोर कर रख दिया है| जिस आजादी के लिए चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह जैसे वीरों ने अपनी कुर्बानी दी थी, क्या आज उन सेनानियों के लिए हमारे हृदय में कोई स्थान नहीं है| चंद पैसे और कुर्सी के लालच में लोग इन क्रांतिकारियों का मजाक उड़ाने तक से बाज नहीं आते| कुछ ऐसे ही विद्रोही बोलों के साथ कवि ने यह कविता लिखी…

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  • Special Holi Poem in Hindi and English Language

    Holi it means the celebration of colours . Holi Poems in Hindi to help you understand the spirit of glorious Holi festival. Great collection of holi poems in Hindi & english language, holi poetry, poems for holi, holi kavitaein, english hindi holi poems, holi poetries, kavitaein for holi, holi poem, holi festival poems, free holi poems, free holi festival poems, Holi Par Kavita, होली पर कविता holi festival poetry. तुम अपने रँग में रँग लो तो होली है। देखी मैंने बहुत दिनों तक दुनिया की रंगीनी, किंतु रही कोरी की कोरी मेरी चादर झीनी, तन के तार छूए बहुतों ने…

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