Hindi Poem

  • गांव पर कविता ~ मेरा गांव ~ गांव और शहर की जिंदगी पर कविता

    Heart Touching Poem on Village in Hindi तेरी बुराइयों को हर अखबार कहता है.. और तू मेरे गाँव को गँवार कहता है…. ऐ शहर मुझे तेरी औकात पता है, तू चुल्लू भर पानी को वाटर पार्क कहता है… थक गया है हर शख्स काम करते करते, तू इसे अमीरी का बाजार कहता है… गाँव चलो वक्त ही वक्त है सबके पास, तेरी सारी फुर्सत तेरा इतवार कहता है… मौन होकर फोन पर रिश्ते निभाए जा रहा है, तू इस मशीनी दौर को परिवार कहता है… जिनकी सेवा में बिता देते सारा जीवन, तू उन माँ-बाप को खुद पर बोझ कहता…

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  • Short Poem on Teachers Day in Hindi | शिक्षक दिवस पर 5 कविताएं

    5 Best Poem on Teachers Day in Hindi for Students ये प्रेरक कविताएं राष्ट्र के उज्जवल भविष्य का निर्माण करने वाले शिक्षकों को समर्पित हैं| समस्त शिक्षकगणों के सम्मान में कुछ सुन्दर शिक्षक दिवस पर कविताएँ यहाँ उपलब्ध हैं| छात्र व् छात्राएं इन कविताओं को अपने गुरुओं को समर्पित करके उनका आभार व्यक्त करें – Teachers Day Hindi Poems सही क्या है, गलत क्या है, ये सब बताते हैं आप,झूठ क्या है और सच क्या है ये सब समझाते है आप, जब सूझता नहीं कुछ भी राहों को सरल बनाते हैं आप, जीवन के हर अँधेरे में, रौशनी दिखाते हैं…

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  • Desh Bhakti Poems in Hindi

    Short Desh Bhakti Poem in Hindi | 5 देश भक्ति कविताएँ

    इस लेख में आप Desh Bhakti Poem in Hindi पढ़ेंगे और ये सभी Patriotic देश भक्ति कविताएँ देशप्रेम की भावना पर आधारित हैं| समस्त भारतवासियों के लिए स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाओं सहित कुछ देशभक्ति कवितायेँ हम शेयर कर रहे हैं| यह कवितायेँ प्रसिद्ध कवियों द्वारा लिखीं गयी हैं| इनमें से कई कवितायेँ आपने बचपन में भी सुनी होंगी| हम भारतवासियों में अपने देश के प्रति जो प्रेम की भावना कूट कूट कर भरी है, यही भावना ही हमारे देश को दूसरे देशों से महान बनाती है| इस भारतवर्ष की पवित्र भूमि पर देवता भी जन्म लेने को तरसते हैं| धन्य…

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  • जयशंकर प्रसाद की हिंदी कविताएं | Jaishankar Prasad Poems in Hindi

    Hindi Poems of Jaishankar Prasad : कवि जयशंकर प्रसाद की 5 सुंदर कविताएं (Jaishankar Prasad Poems in Hindi) – बीती विभावरी जाग री, झरना, तुम्हारी आँखों का बचपन, हिमाद्रि तुंग शृंग से और सब जीवन बीता जाता है, को पढ़ें और छायावाद के प्रमुख कवि जयशंकर प्रसाद के अलंकृत शब्दों का आनंद लें| Contents बीती विभावरी जाग री – Jaishankar Prasad Hindi Poem तुम्हारी आँखों का बचपन – जयशंकर प्रसाद की कविता हिमाद्रि तुंग शृंग से – Poem of Jaishankar Prasad in Hindi झरना- जयशंकर प्रसाद की कविता सब जीवन बीता जाता है बीती विभावरी जाग री – Jaishankar Prasad…

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  • हिन्दी कविता बच्चों के लिए और छात्रों के लिए

    बच्चों के लिए हिंदी कविता पापा जी का डंडा गोल, मम्मी जी की रोटी गोल, नानी जी की ऐनक गोल, नाना जी का पैसा गोल, बच्चे कहते लड्डू गोल, मैडम कहतीं दुनिया गोल। — बच्चों के लिए हिंदी बाल कविता जाके कह दो उन रातों से, हम सुबह देखकर जाएंगे, जो कभी मिला है ना हमको, वो मंजर भी हम लाएंगे!! माना गर्दिश में हैं तारे, हालात भी हैं बिगड़े सारे, जाके कह दो उस तूफां से, साहिल पर कश्ती लाएँगे, जाके कह दो उन रातों से, हम सुबह देखकर जाएंगे जो बढ़ा कदम पाने को फलक, तो परिंदों सा…

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  • होली पर कविता – Holi Poems in Hindi

    होली पर कविता – Hindi Poem on Holi होली रे जोगिया फाल्गुन में होली का दिन ऐसे जैसे मन मलंग खेले होली,जैसे जवान तोड़ दे मस्ती में पलँग मन में मस्ती की छाई है एक बार फिर नई उमंग शरीर और मन डोल रहा जैसे नई नवेली तरंग न रखे मन में किसी के प्रति द्वेष ईर्ष्या और भर्म यारो होली है छोड़ दो सब को करे कैसा भी कर्म मन के काले मैल को जला दो होली में इसी जन्म रंग दें रंग लें सबका अपना तन मन होली में हम प्राचीन व आधुनिक होली समय समय की बात…

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  • नरक ये संसार है A Poem on Women’s Day in Hindi Language

    Poem on Women’s Empowerment in Hindi बचाओ – बचाओ हमें बचाओ बालिकायें ये पुकार रहीं, नरक ये संसार है यहाँ कदर नहीं बालिकाओं की, पढ़ना लिखना व्यर्थ हो गया लेना जन्म अनर्थ हो गया, चलती नहीं सरकार यहाँ पर यहाँ चलता भ्रष्टाचार है, नरक ये संसार है, नरक ये संसार है.. रास्ते जा रही बालिका का हुआ बलात्कार है, कहर बरपा रही ये दुनिया हम सब इनके आहार हैं, नरक ये संसार है, नरक ये संसार है.. कर्म, धर्म सब छूट गए वादे सारे टूट गए, हिस्सा हैं हम राष्ट्र का सारी दुनिया वाले भूल गए, हर कसम हम तोड़ेंगे,…

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  • Harivansh Rai Bachchan Poems in Hindi

    Harivansh Rai Bachchan Poems in Hindi | हरिवशं राय बच्चन की कविताएँ

    Harivansh Rai Bachchan Poems in Hindi for Children लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है, चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है। मन का विश्वास रगों में साहस भरता है, चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है। आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है, जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है। मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में, बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में। मुट्ठी उसकी खाली हर बार…

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  • माँ पर कविता Beautiful Poem on Mother in Hindi Language

    Heart Touching Poem on Mother in Hindi आज मेरा फिर से मुस्कुराने का मन किया। माँ की ऊँगली पकड़कर घूमने जाने का मन किया॥ उंगलियाँ पकड़कर माँ ने मेरी मुझे चलना सिखाया है। खुद गीले में सोकर माँ ने मुझे सूखे बिस्तर पे सुलाया है॥ माँ की गोद में सोने को फिर से जी चाहता है। हाथो से माँ के खाना खाने का जी चाहता है॥ लगाकर सीने से माँ ने मेरी मुझको दूध पिलाया है। रोने और चिल्लाने पर बड़े प्यार से चुप कराया है॥ मेरी तकलीफ में मुझ से ज्यादा मेरी माँ ही रोयी है। खिला-पिला के मुझको…

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  • झांसी की रानी लक्ष्मी बाई पर कविता , (सुभद्रा कुमारी चौहान)

    झांसी की रानी लक्ष्मी बाई पर कविता सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थी, बूढ़े भारत में आई फिर से नयी जवानी थी, गुमी हुई आज़ादी की कीमत सबने पहचानी थी, दूर फिरंगी को करने की सबने मन में ठानी थी। चमक उठी सन सत्तावन में, वह तलवार पुरानी थी, बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।। कानपूर के नाना की, मुँहबोली बहन छबीली थी, लक्ष्मीबाई नाम, पिता की वह संतान अकेली थी, नाना के सँग पढ़ती थी वह, नाना के सँग खेली थी, बरछी ढाल, कृपाण, कटारी उसकी…

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