Hindi Poem

  • Desh Bhakti Poems in Hindi

    Short Desh Bhakti Poem in Hindi | 5 देश भक्ति कविताएँ

    इस लेख में आप Desh Bhakti Poem in Hindi पढ़ेंगे और ये सभी Patriotic देश भक्ति कविताएँ देशप्रेम की भावना पर आधारित हैं| समस्त भारतवासियों के लिए स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाओं सहित कुछ देशभक्ति कवितायेँ हम शेयर कर रहे हैं| यह कवितायेँ प्रसिद्ध कवियों द्वारा लिखीं गयी हैं| इनमें से कई कवितायेँ आपने बचपन में भी सुनी होंगी| हम भारतवासियों में अपने देश के प्रति जो प्रेम की भावना कूट कूट कर भरी है, यही भावना ही हमारे देश को दूसरे देशों से महान बनाती है| इस भारतवर्ष की पवित्र भूमि पर देवता भी जन्म लेने को तरसते हैं| धन्य…

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  • जयशंकर प्रसाद की हिंदी कविताएं | Jaishankar Prasad Poems in Hindi

    Hindi Poems of Jaishankar Prasad : कवि जयशंकर प्रसाद की 5 सुंदर कविताएं (Jaishankar Prasad Poems in Hindi) – बीती विभावरी जाग री, झरना, तुम्हारी आँखों का बचपन, हिमाद्रि तुंग शृंग से और सब जीवन बीता जाता है, को पढ़ें और छायावाद के प्रमुख कवि जयशंकर प्रसाद के अलंकृत शब्दों का आनंद लें| Contents बीती विभावरी जाग री – Jaishankar Prasad Hindi Poem तुम्हारी आँखों का बचपन – जयशंकर प्रसाद की कविता हिमाद्रि तुंग शृंग से – Poem of Jaishankar Prasad in Hindi झरना- जयशंकर प्रसाद की कविता सब जीवन बीता जाता है बीती विभावरी जाग री – Jaishankar Prasad…

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  • हिन्दी कविता बच्चों के लिए और छात्रों के लिए

    बच्चों के लिए हिंदी कविता पापा जी का डंडा गोल, मम्मी जी की रोटी गोल, नानी जी की ऐनक गोल, नाना जी का पैसा गोल, बच्चे कहते लड्डू गोल, मैडम कहतीं दुनिया गोल। — बच्चों के लिए हिंदी बाल कविता जाके कह दो उन रातों से, हम सुबह देखकर जाएंगे, जो कभी मिला है ना हमको, वो मंजर भी हम लाएंगे!! माना गर्दिश में हैं तारे, हालात भी हैं बिगड़े सारे, जाके कह दो उस तूफां से, साहिल पर कश्ती लाएँगे, जाके कह दो उन रातों से, हम सुबह देखकर जाएंगे जो बढ़ा कदम पाने को फलक, तो परिंदों सा…

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  • होली पर कविता – Holi Poems in Hindi

    होली पर कविता – Hindi Poem on Holi होली रे जोगिया फाल्गुन में होली का दिन ऐसे जैसे मन मलंग खेले होली,जैसे जवान तोड़ दे मस्ती में पलँग मन में मस्ती की छाई है एक बार फिर नई उमंग शरीर और मन डोल रहा जैसे नई नवेली तरंग न रखे मन में किसी के प्रति द्वेष ईर्ष्या और भर्म यारो होली है छोड़ दो सब को करे कैसा भी कर्म मन के काले मैल को जला दो होली में इसी जन्म रंग दें रंग लें सबका अपना तन मन होली में हम प्राचीन व आधुनिक होली समय समय की बात…

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  • pushp ki abhilasha

    Pushp Ki Abhilasha पुष्प की अभिलाषा Makhanlal Chaturvedi Poems in Hindi

    पुष्प की अभिलाषा Pushp Ki Abhilasha चाह नहीं मैं सुरबाला के गहनों में गूँथा जाऊँ, चाह नहीं, प्रेमी-माला में बिंध प्यारी को ललचाऊँ, चाह नहीं, सम्राटों के शव पर हे हरि, डाला जाऊँ, चाह नहीं, देवों के सिर पर चढ़ूँ भाग्य पर इठलाऊँ। मुझे तोड़ लेना वनमाली! उस पथ पर देना तुम फेंक, मातृभूमि पर शीश चढ़ाने जिस पर जावें वीर अनेक… वाकई बहुत ही जीवंत कविता लिखी है माखनलाल चतुर्वेदी जी ने। सही कहा गया है कि जहाँ ना पहुँचे रवि, वहाँ पहुँचे कवि… देशभक्तों को समर्पित ये कविता अपने अंदर एक गहरा सन्देश छुपाए हुए है। माखनलाल चतुर्वेदी…

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  • नरक ये संसार है A Poem on Women’s Day in Hindi Language

    Poem on Women’s Empowerment in Hindi बचाओ – बचाओ हमें बचाओ बालिकायें ये पुकार रहीं, नरक ये संसार है यहाँ कदर नहीं बालिकाओं की, पढ़ना लिखना व्यर्थ हो गया लेना जन्म अनर्थ हो गया, चलती नहीं सरकार यहाँ पर यहाँ चलता भ्रष्टाचार है, नरक ये संसार है, नरक ये संसार है.. रास्ते जा रही बालिका का हुआ बलात्कार है, कहर बरपा रही ये दुनिया हम सब इनके आहार हैं, नरक ये संसार है, नरक ये संसार है.. कर्म, धर्म सब छूट गए वादे सारे टूट गए, हिस्सा हैं हम राष्ट्र का सारी दुनिया वाले भूल गए, हर कसम हम तोड़ेंगे,…

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  • Harivansh Rai Bachchan Poems in Hindi

    Harivansh Rai Bachchan Poems in Hindi | हरिवशं राय बच्चन की कविताएँ

    Harivansh Rai Bachchan Poems in Hindi for Children लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है, चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है। मन का विश्वास रगों में साहस भरता है, चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है। आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है, जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है। मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में, बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में। मुट्ठी उसकी खाली हर बार…

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  • माँ पर कविता Beautiful Poem on Mother in Hindi Language

    Heart Touching Poem on Mother in Hindi आज मेरा फिर से मुस्कुराने का मन किया। माँ की ऊँगली पकड़कर घूमने जाने का मन किया॥ उंगलियाँ पकड़कर माँ ने मेरी मुझे चलना सिखाया है। खुद गीले में सोकर माँ ने मुझे सूखे बिस्तर पे सुलाया है॥ माँ की गोद में सोने को फिर से जी चाहता है। हाथो से माँ के खाना खाने का जी चाहता है॥ लगाकर सीने से माँ ने मेरी मुझको दूध पिलाया है। रोने और चिल्लाने पर बड़े प्यार से चुप कराया है॥ मेरी तकलीफ में मुझ से ज्यादा मेरी माँ ही रोयी है। खिला-पिला के मुझको…

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  • झांसी की रानी लक्ष्मी बाई पर कविता , (सुभद्रा कुमारी चौहान)

    झांसी की रानी लक्ष्मी बाई पर कविता सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थी, बूढ़े भारत में आई फिर से नयी जवानी थी, गुमी हुई आज़ादी की कीमत सबने पहचानी थी, दूर फिरंगी को करने की सबने मन में ठानी थी। चमक उठी सन सत्तावन में, वह तलवार पुरानी थी, बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।। कानपूर के नाना की, मुँहबोली बहन छबीली थी, लक्ष्मीबाई नाम, पिता की वह संतान अकेली थी, नाना के सँग पढ़ती थी वह, नाना के सँग खेली थी, बरछी ढाल, कृपाण, कटारी उसकी…

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  • महाकवि दिनकर की Motivational Poem in Hindi for Students

    सच है, विपत्ति जब आती है, कायर को ही दहलाती है, सूरमा नही विचलित होते, क्षण एक नहीं धीरज खोते, विघ्नों को गले लगाते हैं, काँटों में राह बनाते हैं मुँह से न कभी उफ़ कहते हैं, संकट का चरण न गहते हैं, जो आ पड़ता सब सहते हैं, उद्योग-निरत नित रहते हैं, शूलों का मूल नसाते हैं, बढ़ खुद विपत्ति पर छाते हैं। है कौन विघ्न ऐसा जग में, टिक सके आदमी के मग में? खम ठोक ठेलता है जब नर, पर्वत के जाते पाँव उखड़, मानव जब ज़ोर लगाता है, पत्थर पानी बन जाता है। गुण बड़े एक…

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