सफलता की कुंजी अब आपके हाथ में – निराशा से सफलता तक ले जाने वाली कहानी

असफलता है सफलता की कुंजी

saflta ka mantra by abdul kalam

निराशा से सफलता तक ले जाने वाली कहानी

एक कम्पनी के मालिक ने देखा कि उसकी कम्पनी के सारे कर्मचारी बड़े ही निराश और दुःखी जैसे दिखते थे। उनके अंदर आत्मविश्वास और ऊर्जा जैसे खत्म हो चुकी थी। कम्पनी के मालिक ने उन लोगों को फिर से नयी शक्ति और उनका आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए एक नयी तरकीब सोची –

सुबह जैसे ही सभी कर्मचारी कम्पनी के अंदर जाने लगे अचानक उन्होंने देखा कंपनी के बाहर एक नोटिस लगा हुआ था कि –

“जो व्यक्ति कल तक आपको आगे बढ़ने से रोक रहा था, आज उसकी मौत हो गयी है और आप अंदर जाकर उस व्यक्ति से अंतिम बार मिल सकते हैं”

सारे लोगों को ये बात जानकर बड़ी ही खुशी हुई कि चलो जो व्यक्ति हमारे विकास को रोक रहा था वो मर चुका है लेकिन इस बात का दुःख भी था कि अपने साथ का एक कर्मचारी अब नहीं रहा।

अब सबके मन में एक ही सवाल आ रहा था कि वो व्यक्ति आखिर है कौन जो हमें आगे बढ़ने से रोक रहा था और आज उसकी मृत्यु हो गई है। इसी उधेड़बुन में एक एक करके लोग अंदर जाने लगे।

अब जैसे ही वो एक एक करके अंदर गए, अंदर का नजारा देख कर वो अवाक् रह गए , मुंह से एक शब्द भी नहीं निकल पाया। अंदर कुछ नहीं था, वहां केवल एक शीशा लगा हुआ था जिसके नीचे एक छोटा सा नोट लिखा हुआ था कि – केवल आप ही वो इंसान हैं जिसने अपनी क्षमता के दायरे को छोटा बनाया हुआ है, आप खुद अपने सुख, दुःख, सफलता , असफलता के जिम्मेदार हैं।

कंपनी बदलने, अपने बॉस बदलने या दोस्तों को बदलने से आपकी जिंदगी कभी नहीं बदलेगी। अपनी जिंदगी बदलनी है तो खुद को बदलना होगा, अपनी क्षमता को पहचानना होगा, अपने मन में जो छोटे दायरे बना लिए हैं उस दायरे से बाहर निकलना होगा। फिर देखिए एक दिन पूरी दुनिया आपको सलाम करेगी।

जब एक अंडा बाहर से फूटता है तो एक जिंदगी का अंत होता है लेकिन जब वही अंडा अंदर से फूटता है तो एक नयी जिंदगी का जन्म होता है। अपने अंदर की शक्तियों को जगाओ, आप अपार क्षमतावान हो।

आप असफल हो तो इसके जिम्मेदार भी खुद ही हो। खुद को कोसना और दूसरों को दोष देना बंद करो और पूरी मेहनत से जुट जाओ जैसे एक नया जन्म मिला हो।

दोस्तों हिंदीसोच पर हम प्रैक्टिकल लाइफ से सम्बंधित लेख लिखने की कोशिश करते हैं जिन्हें पढ़कर हर इंसान कुछ ना कुछ सीख सके और खुद में सुधार कर सके। आपको ये आर्टिकल कैसा लगा ये बात आप हमें कमेंट करके जरूर बताएँगे ऐसी हमारी आपसे आशा है।

धन्यवाद!!!!!

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46 Comments

  1. Aapki khani sach much prernadayak hai
    ise padne se hane apne aap se energy milta esi khaniya aap likhte rahe

  2. very. very niece story.i like it.my children read this storys and she is very happy. thankyou very much sir…………..

  3. अपका यह आटिॅकल बहुत ही मसत है im liked im acepted artical
    इस आटिॅकल को पढने के बाद अमल किया जाऐ तो
    जीस व्कती के जीवन मे परेशानी होती है याआती है
    इस आटिॅकल को पढनेके बाद दूर कर सकते है

    जैसेम कि मै अपने आप को
    सुधार करने लगा

  4. very nice story ap nay bilkul such kaha hai ki hum khud apne har ki jimedar hai insan ko khud ko pachan lana chaye

  5. Dear sir,
    I like your story very much and you are requested to always publish meaning full and gistfull stories.

  6. Aaplog hamare jivan ki guide hai jo hame jivan me sahi disaa dikhate hai isliye isee tarah hame jivan ka maargdarasan karte rahe jisase ham apne jivan ko behatar bana sake, dhaniyabad

  7. Thank you so much sir appko Mera bhi yahi Sidhdhhant hai ki ” Khud ko badlo aapke liye duniya swatah badal jayegi”.

    koi kisi ko aage badhane se rokata nahi hai ham swany rak jate hai but jab ham apane dimak se kam kare tab bdhaye Insan ke jindagi me aati par samana karne ke liye har nahi manana chahiye nahi kisi ke bharose rahana chhiye Mere jaise student ye sab nahi mante kyo ki ham aapna kam kud karte badhaye bhi bahut ayyi khud samana kiye kyo mera kahana hai “MUSKIL ME BHAG JANA ASAN HOTA , JIMDAGI KA HAR PAHLU ASAN HOTA HAI ,
    DARENE WALE KO KUCHCHH NAHI MILA INDAGI ME LADANE WALE KE KADAMO PAR JAHAN HOTA HAI.

  8. सच में बहुत बढ़िया जो कोई भी पड़ेगा उसकी ज़िन्दगी बदल जायेगी kyu की ये मनुष्य कि सोच को प्रभावित करने बला लेख है

  9. मै आपकी बहूत बढी fan हूं धन्यबाद मेरी सोच बदलने के लिए थैंक्स

  10. Awesome,it is right, 100%right .At first,one should improve oneself on the basis of positive thoughts.

    Thank you too much for your vivid thoughts, positivness.

    I liked

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