Chanakya Quotes in Hindi चाणक्य के महान विचार

Quotes of Chanakya Hindi

दूसरो की गलतियों से सीखो अपने ही ऊपर प्रयोग करके सीखने को तुम्हारी आयु कम पड़ जाएगी -Chanakya(चाणक्य)

कुबेर भी अगर आय से ज्यादा व्यय करे, तो कंगाल हो जाता है -Chanakya(चाणक्य)

कोई भी काम शुरू करने के पहले तीन सवाल अपने आपसे पूछो – मैं ऐसा क्यों करने जा रहा हूँ ? इसका क्या परिणाम होगा ? क्या मैं सफल रहूँगा ? -Chanakya(चाणक्य)

भगवान मूर्तियों में नहीं है, आपकी अनुभूति आपका ईश्वर है, आत्मा ही आपका मंदिर है -Chanakya(चाणक्य)

व्यक्ति अपने कर्मों से महान होता है, अपने जन्म से नहीं -Chanakya(चाणक्य)

दुनिया की सबसे बड़ी ताकत पुरुष का विवेक और महिला की सुन्दरता है -Chanakya(चाणक्य)

अज्ञानी के लिए किताबें और अंधे के लिए दर्पण एक सामान उपयोगी है -Chanakya(चाणक्य)

अपने रहस्यों को किसी से भी उजागर मत करो। यह आदत आपके स्वयं के लिए ही घातक सिद्ध होगी -Chanakya(चाणक्य)

किसी भी व्यक्ति को बहुत ईमानदार और सीधा साधा नहीं होना चाहिए क्यूंकि सीधे वृक्ष और व्यक्ति पहले काटे जाते हैं -Chanakya(चाणक्य)

हर मित्रता के पीछे कोई स्वार्थ जरूर होता है – यह कड़वा सच है -Chanakya(चाणक्य)

ऐसे व्यक्ति जो आपके स्तर से ऊपर या नीचे के हैं उन्हें दोस्त न बनाओ, वह तुम्हारे कष्ट का कारण बनेगे, हमेशा सामान स्तर के मित्र ही सुखदाई होते हैं -Chanakya(चाणक्य)

संसार में न कोई तुम्हारा मित्र है न शत्रु, तुम्हारा अपना विचार ही, इसके लिए उत्तरदायी है -Chanakya(चाणक्य)

फूलों की सुगंध केवल वायु की दिशा में फैलती है. लेकिन एक व्यक्ति की अच्छाई हर दिशा में फैलती है -Chanakya(चाणक्य)

सांप के फन, मक्खी के मुख में और बिच्छु के डंक में ज़हर होता है; पर दुष्ट व्यक्ति तो इससे भरा होता है -Chanakya(चाणक्य)

वह जो हमारे चिंतन में रहता है वह करीब है, भले ही वास्तविकता में वह बहुत दूर ही क्यों ना हो; लेकिन जो हमारे ह्रदय में नहीं है वो करीब होते हुए भी बहुत दूर होता है -Chanakya(चाणक्य)

अपमानित होकर जीने से अच्छा मरना है, मृत्यु तो बस एक क्षण का दुःख देती है, लेकिन अपमान हर दिन जीवन में दुःख लाता है -Chanakya(चाणक्य)

परिश्रम वह चाबी है, जो किस्मत का दरवाजा खोल देती है -Chanakya(चाणक्य)

चन्द्रगुप्त : किस्मत पहले ही लिखी जा चुकी है, तो कोशिश करने से क्या मिलेगा
चाणक्य : क्या पता किस्मत मैं लिखा हो की कोशिश से ही मिलेगा -Chanakya(चाणक्य)

जो व्यक्ति शक्ति न होते हुए भी मन से हार नहीं मानता,
उसको दुनिया की कोई भी ताकत हरा नहीं सकती है -Chanakya(चाणक्य)

अपने ईमान और धर्म बेचकर कर कमाया गया धन अपने किसी काम का नहीं होता, अत: उसका त्याग करें, आपके लिए यही उत्तम है -Chanakya(चाणक्य)

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