Endless Inspiration in Hindi जिम्मेदारी बोझ नहीं है

Endless Inspiration in Hindi जिम्मेदारी बोझ नहीं है

बहुत पुरानी बात है कि किसी गाँव में एक साधु रहते थे। दुनिया की मोह माया से दूर होकर जंगल में अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे। सुबह शाम ईश्वर के गुण गाना और लोगों को अच्छे कर्मों का महत्त्व बताना यही उनका काम था।

एक दिन उनके मन में आया कि जीवन में एक बार माता वैष्णो देवी के दर्शन जरूर करने चाहिये। बस यही सोचकर साधु महाराज ने अगले दिन ही वैष्णो देवी जाने का विचार बना लिया।

एक पोटली में कुछ खाने का सामान और कपडे बांधे और चल दिए माँ वैष्णो देवी के दर्शन करने। ऊँचे पर्वत पर विराजमान माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए काफी चढ़ाई चढ़नी पड़ती है।

वो साधु भी धीरे धीरे सर पे पोटली रखकर चढ़ाई चढ़ रहे थे। तभी उनकी नजर एक लड़की पर पड़ी, उस लड़की ने अपनी पीठ पर एक लड़के को बैठाया हुआ था। वो लड़का विकलांग था और वो लड़की उसे कमर पर बैठाकर चढ़ाई चढ़ रही थी।

साधु को ये सब देखकर उस लड़की पर बड़ी दया आयी और वो बोले – बेटी थोड़ी देर रूककर बैठ जा तू थक गयी होगी तूने इतना बोझ उठा रखा है

वो लड़की बोली – बाबा जी बोझ तो आपने अपने सर पर उठा रखा है ये तो मेरा भाई है……

चलते चलते साधु के पाँव ठिठक गए…..

कितनी बड़ी बात कही थी उस लड़की ने,,,,कितना गूढ़ मतलब था उस लड़की की बात का – बोझ तो आपने उठा रखा है ये तो मेरा भाई है…. कितनी जिम्मेदारी भरी थी उस मासूम सी लड़की में

मन में दयालुता होगी तो हर पढ़ने वाले की आँखें छलक उठेंगी…..

उस दिन उन साधु को एक बात समझ में आ गयी कि अगर हर इंसान अपनी जिम्मेदारी निभाने लगे तो शायद दुनिया में दुःख नाम की कोई चीज़ ही ना बचे…..

अपनी जिम्मेदारी से बचिए मत, जिम्मेदार बनिये, पूरी तरह से अपनी जिम्मेदारी निभाइये

अगर एक नेता अपनी जिम्मेदारी निभाये तो देश में कभी भ्रष्टाचार नहीं होगा

अगर एक शिक्षक अपनी जिम्मेदारी निभाये तो कोई बालक मंद बुद्धि नहीं बचेगा

अगर एक छात्र अपनी जिम्मेदारी निभाये तो कोई इंसान बेरोजगारी से भूखा नहीं मरेगा

अगर एक बेटा अपनी जिम्मेदारी निभाये तो किसी माँ बाप को असहाय नहीं होना पड़ेगा

अगर एक पिता अपनी जिम्मेदारी निभाये तो कोई बालक गलत संगत में नहीं पड़ेगा

अगर एक भाई अपनी जिम्मेदारी निभाये तो किसी बहन को समाज से डरना नहीं पड़ेगा

अगर एक व्यापारी अपनी जिम्मेदारी निभाये तो बेईमानी का नामोनिशान नहीं बचेगा

अगर हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाये तो देश को जगतगुरु होने से कोई ना रोक सकेगा
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जिम्मेदारी लीजिये क्योंकि जिम्मेदार लोग ही अपने जीवन में सफल होते हैं

जिम्मेदारी लीजिये क्योंकि जिम्मेदारी ही आपको चुनौतियों से लड़ना सिखाती है

जिम्मेदारी लीजिये क्योंकि रिश्ते निभाने के लिए ये बहुत जरुरी है

जिम्मेदारी लीजिये क्योंकि जिम्मेदार लोग मरने के बाद भी याद किये जाते हैं

दोस्तों आप जो भी हैं, चाहे डॉक्टर हैं, छात्र हैं, शिक्षक हैं…अपने हर काम को जिम्मेदारी से कीजिये। अगर बोझ समझ कर करेंगे तो आप उस काम में कभी सफल नहीं हो पायेंगे। इसीलिए सफल होने के लिए आपका एक जिम्मेदार इंसान होना बेहद जरुरी है।

कुछ तो कहिये – हमें पता है इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपके मन में बहुत से विचार आ रहे होंगे, तो श्रीमान इन्तजार किस बात का कर रहे हैं? आपके मन में जो भी विचार आ रहा हो,, आप नीचे कॉमेंट बॉक्स में जाइये और अपने विचार हमें लिख भेजिए। धन्यवाद!!!!

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39 Comments

  1. बहुत अच्छी बात बताई है आपने …..जिम्मेदारी बोझ नहीं है ….हर किसी को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और अपने काम को जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए …

  2. Bahut hi badhiya story thi.Pawan ji aapne apni site ko india ke best motivation site banaya hai.Alexa rank bhi top hai.Aapko is site ki success story zarur likhni chahiye.

  3. बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति …. Nice article with awesome explanation ….. Thanks for sharing this!! 🙂 🙂

  4. इंसान जितनी बड़ी जिम्मेदारी लेगा उसकी तरक्की होगी , उतना ही विकास के मार्ग पर जाएगा | thnk you pawan ji

  5. Jimmedari hi hume inspire karti he kuchh karneke liye,jaise mere upar jimmedari he mere maa-baap,wife,bachche ki khusi ki,unhe har vah chij uplbdh kraneki jo vah chahte he or isi vajah se me or jyaada prerit hota hu ki me apni life me kuchh nyaa karu,kuchh bada karu jisse me sabkuch hasil kar shaku or apni family ko vah praapy krva shaku.

  6. Bhai Jee, is chhoti si kahani ke madhyam se,hame aapne bahut achchhi sheekh di hai, aapki predadayak kahaniya padkar hame bahot harsh hota hai.
    aesi kahaniya padhkar kitna bhi, nakaratmak vicharo wala aadmi ho. use kuchh to,sakaratmak prabhaw padta hi hai.
    dhanyawad…..

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