भारतीय सभ्यता और हिन्दी की दुर्दशा

भारत और विज्ञान का बहुत प्राचीनतम रिश्ता रहा है। प्राचीन ग्रंथो और वेदों के अनुसार विज्ञान और भारतीय सभ्यता एक दूसरे के समानांतर रहे हैं। यहाँ की सभ्यता विश्व की प्राचीनतम सभ्यता है जोकि समस्त सभ्यताओं की जड़ भी मानी जाती है। भारत आदिकाल से ही जगद्गुरु के नाम से जाना जाता रहा है।

विज्ञान के क्षेत्र में भारत हमेशा से ही आगे रहा है। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि “आज का आधुनिक विज्ञान आपको जहाँ तक ले के जाता है वह सब लाखों वर्ष पूर्व ही हमारे वेदों में निहित है।” यह कथन पूर्णतः सत्य है|

आर्यभट, रामानुजम, चरक, सुश्रुत आदि महान वैज्ञानिक हमारे भारत देश में जन्में हैं जिन्होंने इस दुनिया को नई दिशा दी और जीवन जीने तरीका बताया। इसका मुख्य कारण था “भाषा”| उन्होंने अपनी भाषा में ज्ञान अर्जित किया और उसको पूरे विश्व भर में फैलाया|

भारतेन्दु हरीशचंद्र के अनुसार:- “निज़ भाषा उन्नति अहै सब उन्नति कौ मूल”

Essay on Hindi

आज हिन्दी भाषा की दुर्गति को देखकर बड़ा दुख होता है| हमारे पूर्वजों ने हमें जहाँ छोड़ा था हम आज उससे काफ़ी पीछे हो चुके हैं| क्यूँ? मन में ये सवाल कहीं ना कहीं कचोटता सा प्रतीत होता है|

हमारे देश मैं एक से एक अमीर लोग आज भी हैं, पर ऐसे पैसे और कमाई से क्या फ़ायदा कि हम आज भी अपने पैरों पर खड़े नही हैं| हमारा देश अपने विकास के लिए विदेशी कम्पनियों और दूसरे देशों की मदद पर निर्भर है| हमारे देश की सभी बड़ी कम्पनियां, विदेशी कम्पनियों के लिए काम करती हैं| विदेशी प्रोजेक्टों को outsource करतीं हैं|

यहाँ लेबर कॉस्ट सस्ता होने की वजह से विदेशी कम्पनियाँ अपने छोटे-छोटे काम हमें सौंप देती हैं और खुद अपने रिसर्च सेंटरों में नयी वैज्ञानिक खोज करती हैं और हम विदेशी कम्पनियों में नौकरी पाकर, उनका नौकर बनकर खुद को सफल होता महसूस करते हैं|

ऐसा नहीं है कि यहाँ के लोग सक्षम नहीं है लेकिन लोग अपने को पहचान नहीं पा रहे हैं| यही कारण है कि भारत आज भी एक विकासशील देश है विकसित नहीं, क्यूंकी हिन्दी ही हमारी पहचान है और हमें इसे मानना होगा|

मैं जानता हूँ कि India में प्रतिभा की कमी नहीं है लेकिन English में problem की वजह से वो आगे नहीं आ पाते हैं| कभी सोचा है आपने कि सारे invention विदेशों में ही क्यूँ होते हैं यहाँ क्यूँ नहीं? क्यूंकी मेरा मानना है कि जितना innovative कोई इंसान अपनी मात्रभाषा में हो सकता है वैसा किसी और भाषा में possible नहीं है| देखिए एक इंसान के आगे आने से कुछ नहीं होगा बल्कि पूरे भारत को प्रयास करना होगा तभी इस देश का और समूची मानव जाती का संभव है|

हिंदी हमारी मात्र भाषा है| आपको अच्छी नौकरी पानी है और उसके लिए अंग्रेजी सीखना पड़ रहा है तो सीखिए, सीखने में बुराई नहीं है लेकिन अंग्रेजी सीखने के बाद अपने अस्तित्व को ना भूलिए|

चलिए आपको “विकास” का एक उदारण देता हूँ –

“चाइना में जिस व्यक्ति को चाइनिस आती है वह डॉक्टर भी बन सकता है, इंजिनियर भी बन सकता है, अंग्रेजी नहीं आती कोई बात नहीं वह सब कुछ कर सकता है क्यूंकि वहां के लोग चाइनिस ही बोलते हैं और चाइनिस में ही पढ़ते हैं और चाइना एक विकसित देश है”

“जापान में आपको अंग्रेजी नहीं आती कोई बात नहीं, आपको जापानी आती है तो आप इंजिनियर, डॉक्टर कुछ भी बन सकते हैं और जापान भी विकसित देश है क्यूंकि वहां के लोग अपनी भाषा में ही सीखते हैं”

“हमारे भारत में आपको अंग्रेजी नहीं आती तो आप डॉक्टर नहीं बन सकते, आप इंजिनियर नहीं बन सकते, आपको छोटी सी नौकरी के लिए भी अंग्रेजी भाषा सीखनी होगी क्यूंकि यहाँ हिंदी की कद्र नहीं है| जो लोग अंग्रेजी बोलते हैं उन्हें बहुत ही सभ्य और ज्ञानी माना जाता है और इसीलिए हम अब तक विकासशील ही हैं”

मैं युवा पीढ़ी से अनुरोध करूँगा कि हिंदी को अपनाइए| ये आपकी मात्र भाषा है और भाषा के विकास के साथ ही इस देश का भी विकास संभव है| मैं हिंदी की कद्र करता हूँ यह मेरी मात्रभाषा है| जय हिन्द! जय हिंदी!!

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49 Comments

  1. aaaj se pahle mai bhatak raha tha but aaj aapke motivational stories ko padh kar Ek nahi disha mila.aapne Jo itna hard work karke ye collection kya iske liye mai apko dhanywad dena chahta hoon.

  2. vaah ! mujhe bahut khushi ho rahi hai ki me itne acche blog ka visit kar raha hoon……..aapne bahut hi acchi kahaniyon ka collection kiya hai…….
    from-
    aapkisafalta

  3. जीवन में सकारात्मक सोच जितनी ज़रूरी होती है, उतनी ही ज़रूरी होती है, प्रेरणा | मुझ यह कहने में अच्छा लग रहा है की, आपका ब्लॉग हिंदी भाषा में लेख पढ़ें वाले लोगो के लिए एक मील के पत्थर के समान है | इस नेक प्रयास के लिए धन्यवाद |

    कनिष्क शर्मा

  4. very good story bhatak ne walo ko trac par la sak ti hai har insan me koi na koi kami hoti hai use dhundak pura kayase kare ye sab isme bataya hai ” no one perfect that’s why pencil have eraser”

  5. Thanks Sir.

    Yaha mujhe bahut hi achi kahaniya mili.

    Agr kuch aur kahaniya HISTORY se ho to please send me.

    aur yaha muje bahut hi utprek kahaniya mili

    padh kar bahut hi achha laga, i love it- HINDI SOCH…

  6. Nice Collection of Motivational Stories.

    But, i want complete collection in One Single PDF Format. Can you plz provide me the same…?

    Waiting for reply, plz……

  7. आपकी सभी कहानी बहुत ही प्रेरित करने वाली कहानी है. और आपका पूरा कलेक्शन इन्टरनेट पर एक तरह का सबसे बड़ा कलेक्शन है. आपने जो इसमें सभी तरह की कहानियो का संग्रह इस्तेमाल किया है, वो वाकई लाजवाब है.

    मनुष्य के चरित्र
    लक्ष्य प्राप्ति
    मानवीय ज्ञान
    इंसान के अन्दर के साहस के ऊपर की कहानी

    इस तरह की जो हिंदी कहानी (Hindi Story) आपके द्वारा प्रकाशित की गई है. वो वाकई सराहनीय है.

  8. Hi friends mere naam sanju hai meri samasya hai me bhaut jada suchta hu mujhu suchana bhaut achha lagta hai mere dil ghavrahat reheti hai mujhu gussa bhaut aata hai shir bhari raheta hai becheni si raheti hai mujhu kuch samaj me nahi aata ki me kya karu darr bhaut lagta hai pure din pareshan raheta hu……..please kuch…. Suggestions dijiye

    1. Sanju sabse pahle aap us reason ko janiye ki aisa kyu hota hai.. kabi kabi kuch tuff conditions hoti hai jaise exam hona ya kisi se ladai hona to aise sar dard hota hai but agar ye regular bina kisi bat ke rhta hai to aapko doctor ki advice leni chiye

  9. your all the stories are very motivating for children as well as for elders.i myself was a value education teacher and these stories always help the children to growup as a fine citzen

  10. GREAT , IT’S REALLY FEELS GOOD WHEN WE READ THE STORY & MOTIVATE MORE THAN BEFORE
    THANKS MAN , KEEP IT UP . BEST OF LUCK

  11. सर/मेडम हमारा पासदुनिया का सबसे बडा कार्पोरेट हाउस खडा करने का ब्लूप्रिंट हैं जिस से दुनिया की आधा आबादी को रोजगार से जोडा जा सकता हैं जो व्यक्ति चाहता है बेरोजगारी खत्म हो तथा नई सोची वाले हम से सम्पर्क करे
    9875291333 email address [email protected]

  12. Jahan is samay charon oar log English ki wah wahi me lage hain , wahin aapne hindi ki maryada, ,sanskar ko itnee achhi tarah sambhalkar prastut kiya hai ,aur aaj ki peedhi ko hindi ka Gyan itnee sugamta aur saralta se diya hai , ye atyant prashanshneey hai !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!

  13. Very nice article.
    बच्चे को शिक्षा यदि उसकी मातृभाषा मे दी जाए तो उससे उसे बहुत benefits होगा ।
    मातृभाषा मे व्यक्ति अपनी अभिव्यक्ति सहज रूप से कर पाता है ।

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