About Camel in Hindi रेगिस्तान का जहाज ऊंट से जुड़ी 20 गजब की बातें

Camel in Hindi

Facts about Camel in Hindi Language

ऊँट को रेगिस्तान का जहाज भी कहा जाता है| मरुस्थल जैसी गर्म जगहों पर पाया जाने वाला यह जीव अपने “कूबड़” के कारण बड़ा दिलचस्प प्रतीत होता है| आइये जानें ऊँट से जुडी मजेदार जानकारियां –

ऊंटों के जन्म से ही कूबड़ नहीं होता बल्कि ये बड़े होने पर स्वतः आता है| ऊंट के बच्चे शुरुआत में कई साल तक अपनी माँ के साथ ही रहते हैं| ऊंट बहुत ही शांत स्वभाव के पशु होते हैं वह कभी भी बहुत ज्यादा आक्रामक नहीं होते

ऊंट के कूबड़ में उसके पूरे शरीर की मोटी चर्बी जमा होती है और इसी कूबड़ की वजह से ऊंट भयंकर गर्मी वाले रेगिस्तान में भी आराम से रह पाता है| एशियाई ऊंटो के दो कूबड़ होते हैं जबकि अरब के ऊंटो का सिर्फ एक कूबड़ होता है

ऊंट की आँखों में पलकों की तीन परत होती हैं जिससे वह धूल और रेत से आँखों को बचा पाता है| ऊंटों के कान छोटे और बालों से भरे होते हैं हालाँकि ऊंटों के सुनने की शक्ति बहुत तेज होती है| ऊंट रोजाना पानी नहीं पीते लेकिन जब पीते हैं तो एक बार में 100 से 150 लीटर पानी पीते हैं

ऊंट कांटेदार टहनियों को भी आसानी से खा सकते हैं जबकि दूसरे पशु कांटेदार तने या टहनियां नहीं खा पाते| ऊंट को अगर मालिक डांटता है तो ऊंट जमीन पर थूकना शुरू कर देता है

ऊंट की मोटी चमड़ी सूरज की किरणों को रिफ्लेक्ट कर देती है इसलिए ऊंट का शरीर कभी भी ज्यादा गर्म नहीं होता| ऊंट को कभी पसीना नहीं आता इसीलिए वह रेगिस्तान के लिए सबसे उत्तम पशु है| ऊंट को आपने अक्सर बहुत धीमा धीमा चलते देखा होगा लेकिन ऊंट रेगिस्तान में 40 मील प्रति घंटा से तेज रफ़्तार से दौड़ सकते हैं

ऊंट घास, अनाज, बीज, टहनियाँ ही खाते हैं| ऊंट अपने नाक के नथुने भी बंद कर लेते हैं ताकि रेत अंदर ना घुसे

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ऊंटों की औसत आयु 40-50 साल होती है| ऊंट सर्दियों में दो महीने तक बिना पानी पिए रह सकते हैं, दरअसल ऊंटों के कूबड़ में उनके शरीर की चर्बी जमी होती है जो जरुरत पड़ने पर उनके लिए खाना और पानी की कमी की पूर्ति करती रहती है

ऊंटों का पेशाब चाशनी जैसा गाढ़ा होता है| ऊंट के दूध में गाय से दूध से कम फैट होता है

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