History of Alauddin Khilji in Hindi अलाउद्दीन खिलजी के अनजाने रहस्य

Alauddin Khilji

History of Alauddin Khilji in Hindi

अलाउद्दीन खिलजी दिल्ली का सुल्तान था| अलाउद्दीन खिलजी, खिलजी वंश का दूसरा राजा था और खिलजी वंश का सबसे शक्तिशाली सुल्तान भी था| अलाउद्दीन खिलजी ने 20 वर्ष (1296 – 1316) तक शासन किया था|

1. अलाउद्दीन खिलजी अपने सगे चाचा और अपने ससुर जलाल-उद-दीन खिलजी को मारकर दिल्ली का सुल्तान बना था

2. अलाउद्दीन खिलजी स्वभाव से बहुत महत्त्वाकांक्षी और लड़ाकू था| वह खुद को “विश्व का दूसरा सिकंदर” कहता था

3. अलाउद्दीन ने अपने शासन में अपने राज्य का बहुत ज्यादा विस्तार किया था| उसने गुजरात, रणथम्बोर, मेवाड़, मालवा, जालोर, वारंगल, माबार जैसे इलाकों को जीता था

4. अलाउद्दीन खिलजी वंश का शक्तिशाली राजा था इसलिए उसे “सिकंदर-ए-शाही” की उपाधि भी दी गयी थी

5. अलाउद्दीन खिलजी इतिहास में इसलिए प्रसिद्ध था क्यूंकि उसने मंगोल आक्रमणकारियों को कई बार हराया था|

6. अलाउद्दीन खिलजी शासन में खुले में मदिरा पीना प्रतिबंधित था

7. इतिहास की मानें तो अलाउद्दीन खिलजी बहुत क्रूर शासक था और उसने खुद को पैगम्बर भी घोषित कर दिया था

8. कुछ इतिहारकारों के अनुसार, अलाउद्दीन खिलजी समलिंगी था

9. कवि मलिक मुहम्मद जायसी ने अपनी कविताओं में कहा है कि अलाउद्दीन खिलजी को वासना और विलासिता पूर्ण जीवन जीना अच्छा लगता था| उसके हरम में 70,000 पुरुष, महिला और बच्चे हुआ करते थे|

10. इन 70,000 में से 30,000 महिलायें विधवा थीं, जिनके पति को खिलजी ने ही मारा और उन महिलाओं को अपने हरम में रखवा दिया था

11. रानी पदमावती को भी अलाउद्दीन अपने हरम में रखना चाहता था लेकिन रानी पदमावती ने जौहर करके अपनी रक्षा की थी

12. अलाउद्दीन खिलजी की हर जीत के पीछे उनके एक विश्वासपात्र का हाथ था, जिसका नाम “मलिक काफूर” था जो अलाउद्दीन की सेना का सेनापति था

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13. सन 1316 में अलाउद्दीन खिलजी की मौत हुई और ये माना जाता है कि “मलिक काफूर” ने ही अलाउद्दीन को मारा था

14. कहा जाता है कि अलाउद्दीन खिलजी के अपने विश्वासपात्र “मलिक काफूर” के साथ शारीरिक सम्बन्ध भी थे

15. अलाउद्दीन की मृत्यु के मात्र 4 वर्ष बाद ही खिलजी साम्राज्य का अंत हो गया था और तुगलक वंश आरम्भ हुआ…

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