जानवरों से जुडी सामान्य ज्ञान की बातें General Knowledge about Animals in Hindi

जानवरों का बारे में सामान्य ज्ञान

आज हम आपको जानवरों के बारे में कुछ ज्ञान विज्ञान की बातें बताएँगे। जैसे हम इंसान खाते हैं पीते हैं सोते हैं आदि वैसे ही जानवर भी सभी काम करते हैं लेकिन उनके काम करने का ढंग हम लोगों से काफी अलग होता है।

अगर हम किसी जानवर के जीवन पर प्रकाश डालें तो काफी अचरज में डाल देने वाली बातें मालूम होंगी। चलिए हम आपको कुछ मजेदार बातें बताते हैं जो आपका मनोरंजन करेंगी और आपका सामान्य ज्ञान को भी मजबूत बनायेंगी –

1. मगरमच्छ अपनी जीभ कभी बाहर नहीं निकाल सकता

2. समुद्री केकड़े का दिल उसके सर में होता है

3. सूअर आसमान की ओर नहीं देख सकते

4. चूहे और घोड़े कभी उल्टी नहीं कर सकते

5. चूहे एक साल में लाखों संतानें पैदा कर सकते हैं

6. मगरमच्छ की पाचन शक्ति इतनी ज्यादा होती है कि ये कील को भी पचा सकता है

7. कुत्ते इंसान से तेज देखते हैं लेकिन वो रंगीन नहीं देख पाते

8. गोरिल्ला एक दिन में 14 घंटे सोता है

9. नर घोड़े के 40 दांत होते हैं लेकिन मादा घोड़े के केवल 36

10. कॉकरोच सर काट देने के बाद भी कई दिन तक जिन्दा रहता है

11. हर साल लोग साँप के काटने से ज्यादा मधुमक्खी के काटने से मरते हैं

12. कुछ खतरनाक कीड़े खाना ना मिलने पर खुद हो ही खा जाते हैं

13. साँप आँखें खोल के सोता है

14. जिराफ घोड़े से ज्यादा तेजी से भाग सकता है

15. कुत्ते और बिल्ली भी इंसानों की तरह लेफ्ट या राईट हैंडेड होते हैं

16. उल्लू को केवल नीला रंग ही दिखाई देता है

17. ऊंटों की तीन पलकें होती हैं जिससे वो रेगिस्तान में रेत से आखों को बचा सकें

18. ऊँट के दूध की दही नहीं जमती

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5 Comments

  1. plz publish my article……..Title:- धैर्य व सहनशीलता की महत्ता:—————–                                        धैर्य ( patience) वे गुण है ,जिससे व्यक्ति हताशा,निराशा,तनाव,कुंठा,असफलता, क्रोध,आत्महत्या, जल्दबाजी, असहिष्णुता आदि से बचकर आत्म-विश्लेषण व प्रगतिशीलता के दम पर सफल व खुशहाल जीवन का रास्ता प्रशस्त कर सकता है । धैर्य  साहसी व्यक्ति का गुण होता है ,इसे हम एक कहानी  से समझ सकते है ; दो व्यक्ति पानी की तलाश में प्राकृतिक जलस्रोतों  से दूर मरूस्थल में कुएं  खुदाई  का निर्णय लेते है , दोनों 100- 100 फुट तक कुएं की  खुदाई करते है फिर भी पानी प्राप्त नहीं होता ,ऐसे में एक व्यक्ति  खुदाई बंद कर देता कि पानी यहाँ नहीं है। लेकिन दूसरा व्यक्ति खुदाई जारी रखता है और 5 फुट नीचे ही पानी की धारा मिल जाती है  इन दोनों व्यक्तियों में जिसने खुदाई बंद की उसने सयंमहीनता का परिचय दिया , वही  जिसे पानी मिला उसने खुदाई जारी रख धैर्य ,साहस व सकारात्मकता का परिचय दिया । अनेक चुनावों में असफलता के बावजूद नई-सोच ,नई-उर्जा के साथ फिर जुटना और अन्तत: अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में सफलता पाना ,अब्राहम लिंकन के धैर्यवान व विराट व्यक्तित्व का परिणाम है।भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के लिए संभव सभी मार्ग अपनाए ,धैर्य नही खोया प्रयासरत रहे और अंततः बोधगया में धैर्य से की गई तपस्या का परिणाम प्राप्त हुआ। महाराणा प्रताप द्वारा  अकबर को धैर्यपूर्वक लम्बे समय तक दी गई चुनौती ही उनके वीर,प्रतापी शासक होने की घोतक है। साथ ही महात्मा गाँधी, दशरथ मांझी, नेल्सन मंडेला  व आंग सांग सू की   के प्रगतिशील सोच,समर्पण आदि गुणों से ओत-प्रोत व्यक्तित्व हमें दुर्लभ व कठिन रास्तें से भी धैर्य की सीढी से मंजिल तक पहुंचने की सीख देते है ।  प्रचलित कहावत : ‘सब्र का फल मिठा होता है’ और  हरिवंश राय बच्चन की कविता .. ‘ असफलता एक चुनौती है ,इसे स्वीकार करो ..क्या कमी रहे गई ,देखो और सुधार करो …जब तक न सफल हो ,नींद चैन को त्यागों तुम…संघर्ष का मैदान छोङकर मत भागों तुम….. हमें धैर्यपूर्वक मंजिल की और कदम बढाने को प्रेरित करती है। कबीरदास ने कहा .. ”धीरे -धीरे रे मना , धीरे सब कुछ होय, माली सींचे सौ घङा , ऋतु आए फल होय ” यानि धीरज / धर्यपूर्वक कर्म करते रहिए मंजिल /फल अवश्य मिलेगा । बिना धैर्य के व्यक्ति सफलता के द्वार तक पहुंचकर भी असफल हो जाता है । वर्तमान में हम सामान्यतः देखते है  केरियर ,  प्रतियोगी परीक्षा ,बिजनेस आदि में असफलता पर  तथा रिश्तों में दरार पर मानव धैर्य खो देता है और आत्महत्या जैसा निंदनीय व कायराना कदम उठाता है। सहनशीलता ,धैर्य व उचित मार्गदर्शन के अभाव में  विशेषत: युवा दु:ख तथा विफलता का इलाज सहनशीलता ,सकारात्मकता व संघर्ष के बजाय  जहर की गोली व आत्महत्या में खोजते है,  जो भारतीय  शिक्षा  में घटते  मूल्यों का परिणाम है । >>>written by विशनाराम माली मोकलपुर

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