Rahat Indori Shayari in Hindi : राहत इंदौरी की शायरी

July 25, 2018

उर्दू के प्रसिद्ध शायर राहत इंदौरी की शायरी

Best of Dr Rahat Indori Shayari in Hindi

Best of Dr Rahat Indori Shayari in Hindi

फूंक डालुंगा मैं किसी रोज दिल की दुनिया
ये तेरा खत तो नहीं है जो जला ना सकूं

 

Rahat Indori Hindi Shayari Collection

Rahat Indori Hindi Shayari Collection

अब हम मकान में ताला लगाने वाले हैं
पता चला हैं की मेहमान आने वाले हैं

 

Rahat Indori Love Shayari

Rahat Indori Love Shayari

किसने दस्तक दी ये दिल पर
कौन है आप तो अंदर है, ये बाहर कौन है.

 

Rahat Indori Shayri for Love in Hindi

Rahat Indori Shayri for Love in Hindi

यहां दरिया पे पाबंदी नहीं है,
मगर पहरे लबों पे लग रहे हैं.

 

Rahat Indori Sher Shayari for Whatsapp

Rahat Indori Sher Shayari for Whatsapp

उसकी याद आई हैं साँसों ज़रा धीरे चलो
धड़कनो से भी इबादत में खलल पड़ती हैं

 

Rahat Indori Shayri

बहुत ग़ुरूर है दरिया को अपने होने पर
जो मेरी प्यास से उलझे तो धज्जियाँ उड़ जाएँ

 

Rahat Indori Shayari Hindi

आँख में पानी रखो होंटों पे चिंगारी रखो
ज़िंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो

 

Rahat Indori Shayari in Hindi

सरहदों पर तनाव है क्या
जरा पता तो करो चुनाव हैं क्या

 

Rahat Indori Sher Shayari

मैंने अपनी आँखों से लहू छलका दिया
एक समन्दर कह रहा है मुझे पानी चाहिए

 

Rahat Indori Love Shayari

किसने दस्तक दी ये दिल पर
कौन है आप तो अंदर है, ये बाहर कौन है.

 

Rahat Indori Shayri in Hindi

बीमार को मरज़ की दवा देनी चाहिए
मैं पीना चाहता हूँ पिला देनी चाहिए

 

Shayari Rahat Indori

हम से पहले भी मुसाफ़िर कई गुज़रे होंगे
कम से कम राह के पत्थर तो हटाते जाते

 

Shayari Rahat Indori in Hindi

इरादा था कि में कुछ देर तुफानो का मजा लेता
मगर बेचारे दरिया को उतर जाने की जल्दी थी

 

Dr Rahat Indori Shayari

अब ना मैं हूँ, ना बाकी हैं ज़माने मेरे​
फिर भी मशहूर हैं शहरों में फ़साने मेरे​
ज़िन्दगी है तो नए ज़ख्म भी लग जाएंगे​
अब भी बाकी हैं कई दोस्त पुराने मेरे

 

Shayari of Rahat Indori

रोज़ तारों की नुमाइश में खलल पड़ता हैं
चाँद पागल हैं अन्धेरें में निकल पड़ता हैं
उसकी याद आई हैं सांसों, जरा धीरे चलो
धडकनों से भी इबादत में खलल पड़ता हैं

 

Dr Rahat Indori Shayari in Hindi

कश्ती तेरा नसीब चमकदार कर दिया
इस पार के थपेड़ों ने उस पार कर दिया
अफवाह थी की मेरी तबियत ख़राब हैं
लोगो ने पूछ पूछ के बीमार कर दिया

 

Rahat Indori Best Shayari

अपील भी तुम, दलील भी तुम
गवाह भी तुम, वकील भी तुम
जिसे भी चाहो हराम कह दो
जिसे भी चाहो हलाल कर दो

 

Rahat Indori Shayari Video

मेरी ख्वाहिश है कि आंगन में न दीवार उठे
मेरे भाई, मेरे हिस्से की जमीं तू रख ले
कभी दिमाग, कभी दिल, कभी नजर में रहो
ये सब तुम्हारे घर हैं, किसी भी घर में रहो

 

Rahat Indori Hindi Shayari

हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते हैं
मोहब्बत की इसी मिट्टी को हिन्दुस्तान कहते हैं
जो दुनिया में सुनाई दे उसे कहते हैं खामोशी
जो आंखों में दिखाई दे उसे तूफान कहते हैं

 

Shayari of Rahat Indori in Hindi

विश्वास बन के लोग ज़िन्दगी में आते है
ख्वाब बन के आँखों में समा जाते है
पहले यकीन दिलाते है की वो हमारे है
फिर न जाने क्यों बदल जाते है

 

Shayari Rahat Indori Hindi

सूरज, सितारे, चाँद मेरे साथ में रहें
जब तक तुम्हारे हाथ मेरे हाथ में रहें
शाखों से टूट जाए वो पत्ते नहीं हैं हम
आंधी से कोई कह दे की औकात में रहें

 

Rahat Indori Ki Shayari

लू भी चलती थी तो बादे-शबा कहते थे
पांव फैलाये अंधेरो को दिया कहते थे
उनका अंजाम तुझे याद नही है शायद
और भी लोग थे जो खुद को खुदा कहते थे

 

Shayri Rahat Indori

जवान आँखों के जुगनू चमक रहे होंगे
अब अपने गाँव में अमरुद पक रहे होंगे
भुलादे मुझको मगर, मेरी उंगलियों के निशान
तेरे बदन पे अभी तक चमक रहे होंगे

 

Rahat Indori Sher o Shayari in Hindi

कश्ती तेरा नसीब चमकदार कर दिया
इस पार के थपेड़ों ने उस पार कर दिया,

 

Love Shayari Rahat Indori

गुलाब, ख्वाब, दवा, ज़हर, जाम क्या क्या हैं
में आ गया हु बता इंतज़ाम क्या क्या हैं
फ़क़ीर, शाह, कलंदर, इमाम क्या क्या हैं
तुझे पता नहीं तेरा गुलाम क्या क्या हैं

 

Rahat Indori Poetry in Hindi

अफवाह थी की मेरी तबियत ख़राब हैं
लोगो ने पूछ पूछ के बीमार कर दिया,

 

रातों को चांदनी के भरोसें ना छोड़ना
सूरज ने जुगनुओं को ख़बरदार कर दिया,

 

रुक रुक के लोग देख रहे है मेरी तरफ
तुमने ज़रा सी बात को अखबार कर दिया,

 

Rahat Indori Poetry in Urdu

अब फिरते हैं हम रिश्तों के रंग-बिरंगे ज़ख्म लिये
सबसे हँस कर मिलना-जुलना बहुत बड़ी बीमारी है,

 

दौलत बाज़ू हिकमत गेसू शोहरत माथा गीबत होंठ
इस औरत से बच कर रहना, ये औरत बाज़ारी है,

 

कश्ती पर आँच आ जाये तो हाथ कलम करवा देना
लाओ मुझे पतवारें दे दो, मेरी ज़िम्मेदारी है…

 

Rahat Indori Latest Shayari

ऐसा लगता है लहू में हमको
कलम को भी डुबाना चाहिए था
अब मेरे साथ रह के तंज़ ना कर
तुझे जाना था जाना चाहिए था

 

Shayari of Rahat Indori

ये सहारा जो नहीं हो तो परेशान हो जाएँ
मुश्किलें जान ही लेलें अगर आसान हो जाएँ
ये जो कुछ लोग फरिश्तों से बने फिरते हैं
मेरे हत्थे कभी चढ़ जाएँ तो आसान हो जाएँ

 

Rahat Indori Best Shayari in Hindi

चलते फिरते हुए महताब दिखाएंगे तुम्हें,
हमसे मिलना कभी, पंजाब दिखाएंगे तुम्हें
चांद हर छत पर है, सूरज है हर आंगन में
नींद से जागो तो कुछ ख्वाब दिखाएंगे तुम्हें
पूछते क्या हो कि रुमाल के पीछे क्या है
फिर किसी रोज ये सैलाब दिखाएंगे तुम्हें

 

Rahat Indori Love Shayri

कौन ज़ालिम है यहां, ज़ुल्म हुआ है किसपर
क्या ख़बर आएगी, अख़बार को तय करना है
अपने घर में मुझे खाना, पकाना है क्या
ये भी मुझको नहीं सरकार को तय करना है

 

Rahat Indori Sher in Hindi

प्यार के उजाले में गम का अँधेरा क्यों है
जिसको हम चाहे वही रुलाता क्यों है
मेरे रब्बा अगर वो मेरा नसीब नहीं तो
ऐसे लोगो से हमे मिलता क्यों है

 

Rahat Indori Shayari Hindi

हाथ ख़ाली हैं तेरे शहर से जाते जाते
जान होती तो मेरी जान लुटाते जाते
अब तो हर हाथ का पत्थर हमें पहचानता है
उम्र गुज़री है तेरे शहर में आते जाते

 

Rahat Indori 4 Line Shayari

इश्क ने गूथें थे जो गजरे नुकीले हो गए
तेरे हाथों में तो ये कंगन भी ढीले हो गए
फूल बेचारे अकेले रह गए है शाख पर
गाँव की सब तितलियों के हाथ पीले हो गए

 

Rahat Indori New Shayari

मुझसे पहले वो किसी और की थी
मगर कुछ शायराना चाहिए था
चलो माना ये छोटी बात है
पर तुम्हे सब कुछ बताना चाहिए था

 

Rahat Indori Romantic Shayari

कोई क्या सोचता रहता है मेरे बारे में
ये ख़्याल आते ही हमें साये से डर लगता है
एक नए ख़ौफ का जंगल है मेरे चारों तरफ़
अब मुझे शेर नहीं गाय से डर लगता है

 

Hindi Shayari Rahat Indori

तन्हाई ले जाती है जहाँ तक याद तुम्हारी
वही से शुरू होती है ज़िन्दगी हमारी
नहीं सोचा था चाहेंगे हम तुम्हे इस कदर
पर अब तो बन गए हो तुम किस्मत हमारी

 

Dr Rahat Indori Shayari

कभी महक की तरह हम गुलों से उड़ते हैं
कभी धुएं की तरह पर्वतों से उड़ते हैं
ये केचियाँ हमें उड़ने से खाक रोकेंगी
की हम परों से नहीं हौसलों से उड़ते हैं

 

Rahat Indori Shayari on Love

चेहरों के लिए आईने कुर्बान किये हैं
इस शौक में अपने बड़े नुकसान किये हैं
महफ़िल में मुझे गालियाँ देकर है बहुत खुश​
जिस शख्स पर मैंने बड़े एहसान किये है