Facts About ISRO in Hindi जब इसरो ने रचा इतिहास

Information of ISRO in Hindi इसरो इन हिंदी

15 फरवरी 2017 को पीएसएलवी(PLSV) के प्रक्षेपण के बाद भारत ने विश्व में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। जो काम विश्व का सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका नहीं कर पाया वो काम भारत के इसरो संस्थान ने कर दिखाया है। इसरो ने पीएसएलवी रॉकेट के सहायता से एक साथ 104 सेटेलाइटों को अंतरिक्ष में स्थापित करने रिकॉर्ड बनाया है जो अभी तक कई देशों के लिए सिर्फ सपना ही है।

ISROऐसा करने वाला भारत पहला देश बन गया है और इसरो की इस उपलब्धि से हर भारतीय नागरिक का सर भी गर्व से ऊँचा हो गया है। आइये आज हम इसरो से जुडी कुछ बेहद शानदार बातें जानते हैं जिन्हें हर भारतीय को जाननी चाहिये|

1. इसरो का पूरा नाम – “भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन” है
 
2. इसरो की स्थापना 15 अगस्त, 1969 को स्वतंत्रता दिवस के दिन की गयी थी
 
3. डॉ. विक्रम ए. साराभाई को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रमों का संस्थापक माना जाता है। विक्रम साराभाई ने ही इसरो की स्थापना की थी
 
4. भारत के सबसे पहले उपग्रह का नाम आर्यभट्ट था (ये सवाल परीक्षाओं में भी पूछा जाता है)
 
5. इसरो का पहला रॉकेट इतना हल्का था कि इसे साईकिल पर आसानी ले जाया गया था

6. दूसरा रॉकेट भारी होने के कारण बैलगाड़ी में प्रक्षेपण के लिए ले जाया गया था

7. भारत ने 1980 में अपना पहला रॉकेट बनाया था

8. आज पूरे भारत में इसरो के 13 सेंटर हैं

9. इसरो ने 15 फरवरी 2017 को पीएसएलवी (PSLV) रॉकेट से 104 सेटेलाइटों को एक साथ अंतरिक्ष में स्थापित करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया है।

10. पहली बार पीएसएलवी मिशन में दो भारतीय वैज्ञानिक भी अंतरिक्ष में भेजे गए

11. इसरो के इस नए प्रयास से भूकंप और तूफान जैसी आपदाओं में मदद मिलेगी और धरती पर निगरानी आसानी से रखी जा सकेगी

12. इससे पहले 2014 में रुसी वैज्ञानिकों ने 37 सेटेलाइटों को एक साथ लॉन्च किया था

13. इसरो ने अपने पहले ही प्रयास में मंगल ग्रह के सफर को पूरा कर लिया था जबकि अमेरिका, रूस और यूरोपीय देशों को कई प्रयासों में सफलता हासिल हुई थी

14. भारत का अंतरिक्ष अनुसंधान में खर्चा अमेरिका और रूस से कई गुना कम है। याद रहे इसरो का मंगल मिशन में टोटल खर्चा सिर्फ 7.3 करोड़ डॉलर था जबकि नासा द्वारा किये गये मार्स लांच में 67.1 करोड़ डॉलर का खर्चा हुआ था।

15. अमेरिका नासा पर जितने पैसे एक साल में खर्च करता है उतने में इसरो 40 साल तक काम कर सकता है

16. इसरो में ऐसे कई वैज्ञानिक हैं जिन्होंने शादी तक नहीं की और पूरा जीवन इसरो को समर्पित कर दिया। हमारे पूर्व राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम भी उनमें से एक हैं

17. इसरो अब तक 20 देशों के अलग अलग 57 उपग्रह लांच कर चुका है

18. पिछले 3 सालों में इसरो ने 8 देशों की करीब 44 सेटेलाइट लांच की है जिससे 692 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है। इस तरह इसरो कमाई के मामले में भी काफी आगे है ।

इसरो से सम्बंधित जानकारी आगे भी यहाँ अपडेट की जाती रहेगी। इसरो से जुड़े ये तथ्य आपको कैसे लगे कॉमेंट करके जरूर बतायें और अगर आप भी इसरो से सम्बंधित कोई खास जानकारी हमसे शेयर करना चाहते हैं तो भी आप हमें कमेंट में लिखकर बता सकते हैं।

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2 Comments

  1. इसरो अंतरिक्ष में सफलता की रोज नई गाथा लिख रहा है. इसरो ने इतिहास रचने के लिए एक और कदम बढ़ाते हुए GSLV Mark-3 को लॉन्च किया है.

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