Goswami Tulsidas

  • Goswami Tulsidas Ji Ke Dohe

    Tulsidas Ke Dohe in Hindi गोस्वामी तुलसीदास के दोहे

    तुलसीदास के दोहे अर्थ सहित दोहा(Dohe) – तुलसी मीठे बचन ते सुख उपजत चहुँ ओर | बसीकरन इक मंत्र है परिहरू बचन कठोर ।। अर्थ – तुलसीदास जी(Tulsidas) कहते हैं कि मीठे वचन बोलने से चारों ओर खुशियाँ फ़ैल जाती हैं सबकुछ खुशहाल रहता है। मीठी वाणी से कोई भी इंसान किसी को भी अपने वश में कर सकता है। दोहा(Dohe) – दया धर्म का मूल है पाप मूल अभिमान | तुलसी दया न छांड़िए ,जब लग घट में प्राण || अर्थ – तुलसीदास जी(Tulsidas) कहते हैं कि दया ही हर धर्म का मूल है और घमंड या अभिमान ही…

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  • Tulsidas

    संत तुलसीदास का जीवन परिचय और प्रेरक प्रसंग

    हिंदी साहित्य के अनंत आकाश में तुलसीदास जी(Tulsidas in Hindi) एक ऐसे सितारे हैं जिनकी चमक से पूरा आकाश प्रकाशित रहता है। गोस्वामी तुलसीदास(Goswami Tulsidas) ने “रामचरितमानस”(Ramcharitmanas) का स्रजन किया था। संत तुलसीदास जी द्वारा रचित “हनुमानचालीसा”(Hanuman Chalisa) को पढ़ने से भय और डर का सर्वनाश हो जाता है। ऐसा माना जाता है कि संत कवि तुलसीदास जी को भगवान के साक्षात् दर्शन हुए थे। गोस्वामी तुलसीदास(Goswami Tulsidas) जी का जन्म राजापुर गांव, उत्तर प्रदेश में हुआ था। संवत् 1554 की श्रावण मास की अमावस्या के सातवें दिन तुलसीदास जी का जन्म हुआ था। उनके पिता का नाम आत्माराम और…

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