संगति का प्रभाव | महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन की एक घटना

संगति का प्रभाव – Albert Einstein Inspirational Story in Hindi

कहा जाता है कि अच्छी संगति और अच्छे विचार इंसान की प्रगति का द्वार खोल देते हैं । संगति इंसान के जीवन में बहुत बड़ा महत्व रखती है , अगर आप बुरी संगति में हो तो आप कितने भी बुद्धिमान क्यों ना हो, लेकिन आप कभी भी जीवन में आगे नहीं बढ़ पाएंगे और वहीँ अगर आप अच्छे लोगों की संगति में हैं तो आपको बड़ी- बड़ी समस्याएँ भी छोटी लगने लगेंगी । ऐसी ही एक सच्ची घटना आपके सामने प्रस्तुत है , आपको कहानी कैसी लगी हमें Comment के माध्यम से जरूर बताएं –

Albert Einstein Real Photo
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अल्बर्ट आइंस्टीन, दुनिया के महान वैज्ञानिक जिन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में अपना बहुत बड़ा योगदान दिया है । एक बार आइंस्टीन Relativity नामक Physics के टॉपिक पर रिसर्च कर रहे थे और इसी के चक्कर में वो बड़ी- बड़ी यूनिवर्सिटीज और कॉलेज में जाते थे और लोगों को लेक्चर देते थे । उनका ड्राइवर उनको बहुत बारीकी से देखा करता था ।

एक दिन एक यूनिवर्सिटी में सेमिनार ख़त्म करके आइंस्टीन घर लौट रहे थे , अचानक उनके ड्राइवर ने कहा – सर जो आप Relativity पर यूनिवर्सिटी में लेक्चर देते हो, ये तो बहुत आसान काम है, ये तो मैं भी कर सकता हूँ । आइंस्टीन ने हँसते हुए कहा – ओके ,चिंता ना करो तुम्हें एक मौका जरूर दूंगा ।

फिर अगले दिन जब आइंस्टीन नई यूनिवर्सिटी में लेक्चर देने गए तो उन्होंने अपने ड्राइवर को अपने कपड़े पहना दिए और खुद ड्राइवर के कपड़े पहन लिए और ड्राइवर से लेक्चर लेने को कहा ।

उस बिना पढ़े लिखे ड्राइवर ने बिना किसी दिक्कत के बड़े- बड़े प्रोफेसरों के सामने लेक्चर दिया, किसी को पता ही नहीं चला कि वो आइंस्टीन नहीं है ।

लेक्चर खत्म होते ही उस university के एक प्रोफ़ेसर ने उस आइंस्टीन बने ड्राइवर से कुछ सवाल पूछे तो इस पर ड्राइवर ने हंसकर कहा – बस, इतना आसान सवाल, इसका जवाब तो मेरा ड्राइवर ही दे देगा । अब ड्राइवर बनकर पीछे बैठे हुए आइंस्टीन आगे आये और सारे सवालों का जवाब दिया ।

बाद में आइंस्टीन ने सबको बताया कि लेक्चर देने वाला शख्स आइंस्टीन नहीं बल्कि आइंस्टीन का ड्राइवर है तो वहां बैठे सभी प्रोफेसरों ने दातों तले उँगलियाँ दबा लीं| किसी को यकीन नहीं हुआ कि जो Relativity बड़े-बड़े प्रोफेसरों को समझ नहीं आती, इस ड्राइवर ने उसे कितनी आसानी से दूसरों को समझाया है ।

इसे कहते है संगति का असर , आइंस्टीन के साथ रहकर एक बिना पढ़ा ड्राइवर भी इतना बुद्धिमान हो गया ।

मित्रों अच्छे विचार और अच्छी संगति इंसान में हिम्मत और सकारात्मकता का भाव लाती है , तो कोशिश करिये कि बुरे व्यसन, बुरी आदतों और बुरी संगति से बचा जाये| फिर उसके बाद जीवन बहुत उज्जवल होने वाला है|

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