संदीप माहेश्वरी – किस्मत बदल जायेगी केवल 20 मिनट में

किस्मत बदलिए 20 मिनट में – संदीप माहेश्वरी

एक शहर में गीता कॉलोनी नाम की एक कॉलोनी थी। उस कॉलोनी में कई फ्लैट बने हुए थे और कुछ अमीर लोगों के बंगले भी थे। उसी में एक छोटे से फ्लैट में एक गरीब सा परिवार रहता था। ठीक उसी गरीब परिवार के फ्लैट के सामने एक अमीर परिवार का बड़ा आलीशान सा बंगला था।

बड़ी मर्सिडीस गाड़ियां थीं, नौकर चाकर थे। गरीब परिवार में एक छोटा बच्चा था उसके पापा रोज उसे स्कूटर पर स्कूल छोड़ने जाते थे। वो बच्चा जब उस बंगले की तरफ देखता तो सोचता काश हमारा भी ऐसा ही घर होता। उस अमीर परिवार में भी एक बच्चा था, जब वो बच्चा बड़ी सी कार में स्कूल जाता और उसका ड्राइवर उसको स्कूल छोड़ने जाता तो वो गरीब बच्चा सोचता काश हम भी अमीर होते।

जब वो गरीब बच्चा उस अमीर बच्चे को देखता तो सोचता यार मेरी किस्मत कितनी खराब है,, उस लड़के की किस्मत कितनी अच्छी है

अब कहानी में थोड़ा सा रोमांचक मोड़ आता है, रोजाना शाम को कॉलोनी के सभी घरों के बच्चे इकट्ठे होकर आपस में खेल खेलते हैं, कभी क्रिकेट खेलते हैं तो कभी पकड़म पकड़ाई। पूरी शाम कॉलोनी के बच्चे खूब मजे करते हैं।

लेकिन उस अमीर घर के बच्चे को कहीं भी जाना allow नहीं है। सबसे पहले तो सिक्योरिटी का डर, आखिर अमीर घर का बच्चा है कोई अपहरण कर सकता है। दूसरा अमीर लोगों का एटीट्यूट होता है कि इन सब लोगों से हम अमीर हैं तो हम इनके साथ नहीं रहेंगे। इसलिए उस बच्चे के घर से बाहर जाने पर पाबन्दी थी।

अब वो बच्चा रोजाना शाम को अपने बंगले की छत पर खड़ा होकर उन कॉलोनी के सभी बच्चों को मस्ती करते देखता तो उसकी आखों में आंसू आ जाते। वो भी आजादी चाहता था, वो भी उन बच्चों के साथ खेलना चाहता था।

उस बच्चे के घर में हजारों खिलौने थे लेकिन उसके साथ खेलने वाला कोई नहीं था। पिताजी बिजनिस में बीजी रहते थे और मम्मी भी पार्टी और अपनी सहेलियों में बीजी रहती थी। अब बड़े से बंगले और कई नौकर चाकर होने पर भी वो लड़का खुद को अकेला और बदनसीब महसूस करता था।

वो बच्चा सोचता कि मेरी किस्मत कितनी खराब है कि मैं बच्चों के साथ खेल नहीं सकता,, काश मैं गरीब ही होता, कम से कम कहीं भी घूमने की आजादी तो होती, बच्चों और दोस्तों के साथ मस्ती तो करता।

अब आप ही बताइये कौन से बच्चे की किस्मत अच्छी है और कौन से बच्चे की खराब??…….

दोस्तों दरअसल किस्मत दोनों ही बच्चों की अच्छी है और दोनों की ही खराब है।

सब नजरिये का खेल है। आपको सिर्फ यही समझने की जरुरत है। जो चीज़ हमारे पास नहीं होती अगर हम उसके बारे में सोचें तो हमें अपनी किस्मत बुरी दिखाई देगी और वहीँ अगर हमारे पास जो है उसके बारे में सोचें तो किस्मत अच्छी दिखाई देने लगेगी।

दूसरों से आगे निकलने की होड़ में हम खुद अपनी किस्मत को बुरा मानते चले आते हैं जबकि आप जिस व्यक्ति से आगे निकलना चाहते हैं वो खुद किसी और वजह से अपनी किस्मत को बुरा मान रहा होता है।

एक छोटी चिड़िया तालाब के ऊपर से उड़ रही थी। उसने देखा कि मछली तालाब में तैर रही है बस तभी उसे लगा ये मछली तैर सकती है लेकिन मैं नहीं तैर सकती,, उफ्फ मेरी किस्मत ही खराब है।

बस यही हो रहा है आज कल…आपकी किस्मत आपके नजरिये पर निर्भर करती है। जो चीजें आपके पास नहीं हैं अगर आप हमेशा उनके बारे में सोचेंगे तो जिंदगी भर बदकिस्मत ही बने रहेंगे।

अगर आप हमेशा अपनी बीवी की बुराइयों पर ध्यान देंगे तो पक्का आप यही सोचेंगे मेरी किस्मत ही खराब है जो ऐसी बीवी मिली लेकिन अगर आप हमेशा अपनी बीवी की अच्छाइयों पर ध्यान देंगे तो आपको लगने लगेगा मेरी किस्मत कितनी अच्छी है। ये सिर्फ कहने की बात है, आजमा के देखिये फिर आप खुद जान जायेंगे।

आपकी किस्मत आपके हाथ में है। हर परिस्थिति के दो पहलू होते हैं – सकारात्मक और नकारात्मक,, अगर आप सकारात्मक नजरिये से देखेंगे तो किस्मत अच्छी दिखाई देगी और नकारात्मक नजरिये से देखेंगे तो किस्मत बुरी ही दिखाई देगी।

यह आर्टिकल संदीप माहेश्वरी जी की वीडियो – https://www.youtube.com/watch?v=KB-fyDbJLbU&spfreload=10 से लिया गया है। हमें आशा है कि ये आर्टिकल आप सबके नजरिये को बदलने में बड़ी मदद करेगा और जैसे ही नजरिया बदला बस आपकी किस्मत भी उसी पर बदल जायेगी।

कुछ तो कहिये – हमने तो आपसे काफी कुछ कहा और काफी कुछ समझाया, अब बारी है आपकी,, जी हाँ कुछ तो कहिये, नीचे कॉमेंट बॉक्स में जाइये अपनी बात हम तक लिखकर भेज दीजिये।

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34 Comments

  1. Mr.Sandeep Maheshwari is the world best motivator,mere bhi vah favorite motivator he,maine unki bahut sari videos dekhi he,unhone 110% sahi kahaa he ki achchhi kismat buri kismat,sukh dukh sab najariya kaa khel he,ydi humra najriya badlega to yah sab bhi badal jaayega

  2. आप लेख तो अच्छा लिखते ही है लेकिन , किसी भी लेख की खूबसूरती आपके writing skill से और भी बढ़ जाती है | बहुत ही easy भाषा का इस्तेमाल करते हुए आप बहुत अच्छे से किसी भी चीज को explain करते है |

    धन्यवाद

    1. शिव बचन जी आप लोग हिंदीसोच को इतना पसंद करते हैं उसके लिए आपको दिल से धन्यवाद

  3. आपके द्वारा लिखा गया आर्टिकल बहुत अच्छा लगा आपका हर एक आर्टिकल से कुछ सीखने को जरूर मिलता है और आप आगे भी भविष्य में ऐसे ही आर्टिकल लिखते रहे धन्यवाद

  4. Jo hota h accha hota h or acche ke liye hi hota h kai bar hum sochte h ki mere sat accha nhi huya meri kismt khrab h but jo huya bo mere liye shi nhi huya but kisi n kisi ke liye to accha huya hoga ye bat hme bad m pta chlti h jb usi chiz se Judi koi bat jb hmare samne aati h fir hme ahsas hota h ki yar us bkt mere sat jo huya bo bilkul shi tha agr besa nhi hota to m an yha nhi hota jese jb hum kisi job ke liye exam dete h or hmara selection nhi hota h tb hum ye hi sochte h ki hmari kismt khrab h but nhi hmari kismt m usse bi acchi job h ish liye wo nhi mili q ki hme to usse bi accha krna h ish liye nhi huya selection ish bar usse acchi job lgegi ye soch kr or mhnt krni chahiye

  5. sandeep sir

    You are the best,

    Kitani badi bat asani se dimag me utar dete he

    Sabase jyada jaruri he har sichuaetion me positive thinking..

    Bharti singal

  6. बहुत अच्छा सर ,
    सर मुझे व्यापार करना है , लेकिन मेरे पास व्यापार के लिए कोई आईडिया व पूंजी नही है ।
    ओर मैं सिर्फ 10 वी पास हू ।

      1. praveen ji

        aapke paas idea aur poonji nahi hai to hamse baat kariye
        ek accha businessman baana hai tab..
        apna mobile number comment box me send kijiye

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