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कैसे बनें अमीर, How to Become Rich in Hindi


कहा जाता है कि हुनर ,लगन और मेहनत; ये तीन ऐसी चीज़े हैं जो रंक को राजा, माटी को सोना और कोयले को हीरा बना सकती हैं। हमारे सामने कई ऐसी सच्ची घटनाएँ सुनने में आती हैं जिनमें एक छोटा सा इंसान बहुत बड़ा काम कर जाता है । ऐसी ही एक सच्ची घटना मैं यहाँ लिख रहा हूँ, उम्मीद है कि आप लोग जरूर प्रेरित होंगे ।

shoe-38शैरी सचमेल्ज़र अमेरिका के एक छोटे से शहर कोलो में रहती हैं। शैरी 2005 में एक साधारण सी हॉउसवाइफ़ थीं और कभी सोचा भी ना था एक दिन वो शहर की सबसे अमीर लोगों में गिनी जाएँगी। उन दिनों गर्मियों के दिन थे और शैरी जब जूते पहन कर बाहर जाती थी तो जूते पसीने से भीग जाते थे और उन्हें बहुत बुरा लगता था । एक दिन घर में खाली बैठे उन्हें अचानक से एक आइडिया आया और उन्होंने पूरे घर के जूते इक्कठ्ठे किए और सोचा कि क्यों ना इनके थोड़ी हवा पास के लिए छेद कर दिए जाएं जिससे कुछ नया फैशन भी लगेगा और पैरों को भी आराम मिलेगा । यही सोचकर शैरी ने कुछ जूतों में ऊपर से कुछ छेद कर दिए जो बहुत आरामदायक थे और कला में शैरी निपुण थी ही सो उसने कुछ इस तरह का लुक जूतों को दिया कि वो देखने में बुरे भी ना लगें और पैरों को भी आराम मिले।

शाम को जब पति घर पे लौटे तो शैरी ने अपनी कला उन्हें दिखाई । देखते ही उनके पति की आँखे चमक उठी क्यूंकि वो एक लाजवाब कला थी और अचानक दिमाग में आइडिया आया कि क्यों ना इसी तरह के जूते और चप्पलों का बिज़निस किया जाये । बस उसी दिन एक मिलिनेयर बिज़निस की पत्थर की पहली नींव रखी गयी ।

धीरे धीरे वो ऐसे जूते मार्किट में लेजाकर बेचने लगे और अच्छी इनकम होने लगी लोग उनके प्रोडक्ट खूब पसंद कर रहे थे । गर्मियों के अंत तक उन्होंने एक वेबसाइट लांच कर दी जहाँ से वो ऑनलाइन जूते सप्लाई करने लगे और धीरे धीरे अपना खुद की एक छोटी सी कंपनी खोल दी जहाँ काफी सारे मजदूर काम किया करते थे और शैरी और उनके पति मार्केटिंग किया करते थे। शैरी को खुद इसकी उम्मीद नहीं थी कि उनकी कंपनी एक साल एक अंदर $10 मिलियन (करीब 65 करोड़) का प्रॉफिट कमा लेगी और उन्हें बना देगी – “शहर का सबसे अमीर इंसान”। और आज भी मार्किट में उनके जूतों की अच्छी सेल है क्यूंकि ये ना सिर्फ फैशनेबल हैं बल्कि काफी आरामदायक भी हैं ।

मित्रों , कई बार जीवन में जरुरी नहीं कि पैसा कमाने और आगे बढ़ने के लिए सिर्फ बड़ी डिग्रियों की जरुरत है। कुछ लोग कूड़े से ही बड़ी बड़ी मशीन बना देते हैं , जेम्स वाट ने केतली की भाप को देख कर रेल का इंजन बनाया जबकि वो बेचारा बिना पढ़ा लिखा था ।

इसीलिए कहते हैं कि अपने हुनर का इस्तेमाल करो तो माटी भी सोना बन जाती है|

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22 Comments

  1. ashutosh May 8, 2015
  2. snea May 11, 2015
  3. sneha May 11, 2015
  4. Lalit May 17, 2015
  5. Mohit July 2, 2015
  6. Mohit July 2, 2015
  7. Devchand salam July 8, 2015
  8. upendra kumar July 23, 2015
  9. Mamta Raikopand August 10, 2015
    • roshan jatt lakhola August 22, 2016
  10. vikram September 11, 2015
  11. Lal Singh September 18, 2015
  12. Abhishek kushwaha November 1, 2015
  13. shankar kumar December 1, 2015
  14. krishna soni December 31, 2015
  15. SUSHANT March 23, 2016
  16. pradip Chakraborty April 23, 2016
  17. JEEVRAJ April 30, 2016
  18. neha August 9, 2016
    • salil kashyap September 28, 2016
  19. Mohd Sakib SIDDIQUI November 14, 2016
  20. arvind singh December 29, 2016