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प्रेरक हिंदी कहानी संकलन | Inspirational Hindi Kahani

ये समस्त कहानियां (Hindi Kahani) इतनी प्रेरक हैं कि अगर आपने एक भी कहानी को अपने जीवन में उतारने का प्रयास किया तो आपका जीवन सफल होने वाला है| कहानी हिंदी साहित्य में गद्य लेखन की एक विधा है। कहानियां कई प्रकार की हो सकती हैं लेकिन प्रेरक कहानियां इंसान के जीवन की प्रगति और चरित्र निर्माण के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। हिंदी कहानी में जीवन के किसी रूप या किसी मनोभाव को सुसज्जित रूप से प्रदर्शित किया जाता है।

कहानी बच्चों में सबसे ज्यादा लोकप्रिय होती हैं। दादी, नानी से कहानी सुनने की प्रथा हमारे भारत में सदियों से चली आ रही है। घर के बड़े बुजुर्ग बच्चों को प्रेरक कहानी सुनाते हैं। इन कहानियों से बच्चों का मनोरंजन तो होता ही है लेकिन इसके साथ ही साथ ये कहानियां उनके चरित्र पर भी गहरा प्रभाव डालती हैं।

आज हम हिंदीसोच की प्रसिद्ध 101 कहानियों का संकलन आपके सामने प्रस्तुत कर रहे हैं। इन कहानियों को खुद भी पढ़ें और घर में बच्चों और बुजुर्गों को भी पढ़ायें क्योंकि कुछ कहानियां आपकी जिंदगी बदल सकती हैं –

  1. असफलता एक चुनौती है
  2. सब्र का फल
  3. हथिनी व बिल्ली की कहानी
  4. ईमानदारी की कहानी – ईमानदारी ही सबसे बड़ा धन है
  5. धोबी का गधा – पंचतंत्र की कहानी
  6. बात जो दिल को छू गयी

  7. कैसे फैलता है अंधविश्वास
  8. 2 दोस्तों की कहानी – एक सफल दूसरा विफल पर क्यों ?
  9. एक कड़वा सच : भिखारी की कहानी
  10. बच्चों की कहानी | हिरन की आस्था
  11. निराशा से सफलता तक ले जाने वाली कहानी
  12. कर्नल सैंडर्स की दिल पिघला देने वाली कहानी
  13. ये मेंढक की कहानी सुन अंदर का जोश जाग उठेगा
  14. सच्चे संघर्ष की कहानी
  15. विवेकानंद और विदेशी महिला की कहानी

  16. गन्दी शुरुआत – प्रेरक कहानी

  17. पत्ते की काबिलियत

  18. अरे जब सोचना ही है तो बड़ा सोचो ना

  19. एक बोरी गेहूँ
  20. चंचल मन
  21. ईश्वर या धन? आप क्या चाहते हैं?
  22. गिद्ध की उड़ान
  23. नदी का पानी
  24. साहस और हिम्मत की कहानी
  25. कहानियाँ, कैसे लोग होते हैं सफल
  26. खुद्दार लड़का – कहानी जो दिल को छू ले
  27. लोमड़ी व बकरी – पंचतंत्र की कहानी
  28. दुनियाँ बदलने के लिए खुद को बदलिये
  29. आखिर हम क्यों हैं सफलता से दूर
  30. बूढ़ा पिता
  31. संगति का असर
  32. सफलता की हिंदी कहानियाँ
  33. स्वामी विवेकानन्द हिंदी कहानियाँ
  34. स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी पूंजी है
  35. नन्हीं चिड़िया
  36. सही पहचान – प्रेरक कहानी
  37. मन के हारे हार है मन के जीते जीत
  38. अमीर की अमीरता उसकी सोच और चरित्र से होती है धन से नहीं
  39. मेहनत की आदत
  40. सफलता का द्वार- आत्मविश्वास
  41. हमारे माता पिता
  42. सकारात्मक सोच का जादू
  43. संस्कार का महत्व
  44. धूर्त मेंढक, जैसी करनी वैसी भरनी
  45. आर्यभट्ट और ज़ीरो की खोज
  46. असफलता एक चुनौती है
  47. संघर्ष
  48. अपनी विफलताओं से सीखो
  49. लगन, Enthusiasm + Passion = Success
  50. सकारात्मक सोच का असर
  51. समय अमूल्य है
  52. सफलता के लिए पहले अपने Skill को Improve करिये
  53. संगठन में शक्ति होती है
  54. आवश्यकता ही आविष्कार की कुंजी है
  55. हिंदी कहानियां सोच बदल दे
  56. चाणक्य नीति
  57. एकाग्रता से सफलता
  58. मनुष्य स्वयं अपने भाग्य का निर्माता है
  59. कैसे बना एक तांगेवाला अरबपति
  60. किसी व्यक्ति की महानता उसके चरित्र और ज्ञान पर निर्भर करती हैं पहनावे पर नहीं
  61. सोच का फ़र्क
  62. लक्ष्य- सफलता का सूत्र
  63. सफलता का रहस्य
  64. कैसे रहें खुश
  65. दुनिया एक सराय है
  66. भगवान में विश्वास
  67. जूनून हो तो सफलता जरूर मिलती है
  68. आखिरी प्रयास
  69. शिक्षाप्रद प्रेरक प्रसंग – मोची का लालच
  70. क्या है खुशियों का राज
  71. जीत आपकी – सोच आपकी
  72. भगवान उन्हीं लोगों की मदद करते हैं जो स्वयं की मदद करते हैं
  73. कैसे छोड़ें बुरी आदतें
  74. नए विचार
  75. मदद और दया सबसे बड़ा धर्म
  76. माँ की ममता
  77. परिवर्तन Yes I Can Change in Hindi
  78. साधू का नाच
  79. खुशियाँ बाँटने से बढ़ती हैं
  80. सारी शक्तियां आपके अंदर हैं
  81. जिंदगी दो पल की – जियो जी भर के
  82. मुल्ला नसरुद्दीन का किस्सा
  83. जबतक जीवन है सुख दुःख चलता रहेगा
  84. एक गिलास दूध
  85. {सच्ची घटना} आप जो भी हैं लेकिन कभी घमंड मत करिये
  86. संत तुलसीदास प्रेरक प्रसंग
  87. ऊपर वाला जब देता है तो छप्पर फाड़ के देता है
  88. कठिनाइयों में छिपा होता है बड़ा सबक
  89. बढ़ई
  90. अपनों की कीमत
  91. नदी का पानी
  92. कैसे आपकी मुस्कुराहट लाखों चेहरों पर मुस्कान ला सकती है?
  93. जिन्दगी की कीमत
  94. समस्याओं पर नहीं लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें
  95. लघु कथा – असम्भव कुछ भी नहीं
  96. फूटा घड़ा
  97. कर कुछ ऐसा कि दुनिया बनना चाहे तेरे जैसा
  98. जीवन का सत्य – जियो तो हर पल ऐसे जियो जैसे कि आखिरी हो
  99. माँ का प्यार भगवान का एक आशीर्वाद है
  100. क्या आप भी भिखारी हैं?
  101. आपके दोस्त नहीं चाहते कि आप सफल हों
  102. सच्चा गुरुभक्त एकलव्य
  103. कैसे डाकू रत्नाकर बना महर्षि वाल्मीकि

मित्रों हमारी हिंदी कहानियों का ये संकलन आपको कैसा लगा ? आप चाहे तो हमें कमेंट करके बता सकते हैं ।

धन्यवाद!!!!

गन्दी शुरुआत – Hindi Kahani

हरिया एक गांव में ही खेती करता था। खेती के लिए जमीन तो बहुत ज्यादा नहीं थी लेकिन हरिया के छोटे से परिवार के पालन पोषण के लिए काफी थी। हरिया सुबह बैल लेकर खेत की ओर निकलता फिर शाम को ही वापस आता था।

एक दिन हरिया का बैल बीमार पड़ गया। 2 बैलों की जोड़ी में अब केवल एक ही बैल बचा था, दूसरे बैल को तेज बुखार था। हरिया अपने बैल की दशा देखकर बड़ा दुखी हुआ। इस बैल ने दिन रात खेत में मेहनत करके परिवार को पाला है तो उसे बीमार देख दुःख होना तो लाजमी था।

हरिया के पास इतने पैसे भी नहीं थे कि बैल को किसी पशु चिकित्सालय में ले जाकर उपचार करा पता। उदासी में डूबा हुआ हरिया सुबह खेतों पर जा रहा था कि अचानक उसे मुखिया जी के घर की खिड़की खुली दिखायी दी।

हरिया ने पास जाकर देखा तो खिड़की के पास ही एक सोने की घडी रखी दिखायी दी। वो घडी इतनी पास थी कि हरिया उसे आसानी से उठा सकता था लेकिन हरिया की आत्मा ने अंदर से मना किया कि चोरी करना पाप है।

हरिया अभी 2 कदम आगे ही बड़ा था कि फिर से उसे बीमार बैल का ख्याल आया उसने सोचा कि चलो आज चोरी कर लेता हूँ लेकिन आज के बाद कसम खाता हूँ कभी चोरी नहीं करूँगा। बस हरिया ने ये सोच कर वो घडी उठा ली और बाजार में ले जाकर बेच दी।

उस दिन तो हरिया का काम बन गया लेकिन अब जब भी कभी उसके सामने कोई समस्या आती वो चोरी करने का सोचने लगता। जब पैसों की जरुरत होती तो उसका मन करता कि किसी के घर चोरी कर लूँ। एक बार चोरी क्या की, हरिया के मन की दशा ही बदल गयी।

अब हरिया ने खेत में भी मेहनत करना कम कर दिया। जब कभी पैसों की जरुरत होती हरिया छोटी मोटी चोरी कर लेता लेकिन कब तक बच पाता। एक दिन हरिया एक सेठ के घर चोरी करता हुआ पकड़ा गया और उसे जेल में डाल दिया गया साथ ही इतना जुर्माना लगाया कि उसका घर खेत सब बिक गया।

अब हरिया उस दिन को कोस रहा था जब उसने पहली बार चोरी की थी। ना वो उस दिन चोरी करता और ना ही ये चोरी उसकी आदत बनती लेकिन अब क्या हो सकता था जब चिड़िया चुग गयी खेत।

दोस्तों जरा गौर से सोचो तो हमें भी ऐसी ही गन्दी आदतें पड़ चुकी हैं। हमने एक बार अपने फायदे के लिए झूठ बोला लेकिन आगे चलकर ये झूठ बोलना हमारी आदत बन जाता है। कई बार हम बहाने बना कर काम से बच जाते हैं लेकिन ये बहाने बनाना आगे चलकर हमारी आदत बन जाता है।

सच बात तो ये है कि आप जिस काम को नहीं चाहते उसकी कभी शुरुआत ही मत करिये क्योंकि अगर आपने एक बार किसी गन्दी आदत की शुरुआत कर दी फिर आप उसे बार बार करेंगे और इस तरह आपका पूरा जीवन गन्दी आदतों से घिर जायेगा।

आप गुस्सा करना नहीं चाहते तो कभी उसकी शुरुआत ही ना करें,
आप झूठ बोलना नहीं चाहते तो कभी उसकी शुरुआत ही ना करें
जिस काम को नहीं चाहते उसकी शुरुआत ही ना करें ,,,,नहीं तो एक दिन आपको भी पछताना जरूर पड़ेगा।

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2nd Kahani

एक गाँव में एक गरीब लड़का रहता था जिसका नाम मोहन था । मोहन बहुत मेहनती था लेकिन थोड़ा कम पढ़ा लिखा होने की वजह से उसे नौकरी नहीं मिल पा रही थी । ऐसे ही एक दिन भटकता भटकता एक लकड़ी के व्यापारी के पास पहुँचा । उस व्यापारी ने लड़के की दशा देखकर उसे जंगल से पेड़ कटाने का काम दिया ।

नयी नौकरी से मोहन बहुत उत्साहित था , वह जंगल गया और पहले ही दिन 18 पेड़ काट डाले। व्यापारी ने भी मोहन को शाबाशी दी , शाबाशी सुनकर मोहन और गदगद हो गया और अगले दिन और ज्यादा मेहनत से काम किया । लेकिन ये क्या ? वह केवल 15 पेड़ ही काट पाया । व्यापारी ने कहा – कोई बात नहीं मेहनत करते रहो ।

तीसरे दिन उसने और ज्यादा जोर लगाया लेकिन केवल 10 पेड़ ही ला सका । अब मोहन बड़ा दुखी हुआ लेकिन वह खुद नहीं समझ पा रहा था क्युकी वह रोज पहले से ज्यादा काम करता लेकिन पेड़ कम काट पाता । हारकर उसने व्यापारी से ही पूछा – मैं सारे दिन मेहनत से काम करता हूँ लेकिन फिर भी क्यों पेड़ों की संख्या कम होती जा रही है । व्यापारी ने पूछा – तुमने अपनी कुल्हाड़ी को धार कब लगायी थी । मोहन बोला – धार ? मेरे पास तो धार लगाने का समय ही नहीं बचता मैं तो सारे दिन पेड़ कटाने में व्यस्त रहता हूँ । व्यापारी – बस इसीलिए तुम्हारी पेड़ों की संख्या दिन प्रतिदिन घटती जा रही है ।

Sow seeds of success – मित्रों यही बात हमारे जीवन पर भी लागू होती है , हम रोज सुबह नौकरी पेशा करने जाते हैं , खूब काम करते हैं पर हम अपनी कुल्हाड़ी रूपी Skills को Improve नहीं करते हैं । हम जिंदगी जीने में इतने ज्यादा व्यस्त हो जाते हैं कि अपने शरीर को भी कुल्हाड़ी की तरह धार नहीं दे पाते और फलस्वरूप हम दुखी रहते हैं ।

मित्रों कठिन परिश्रम करना कोई बुरी बात नहीं है पर Smart Work , Hard Work से ज्यादा अच्छा होता है, यही इस कहानी(Hindi Kahani {हिन्दी कहानी}) की सीख है|

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52 Comments

  1. daily positive story