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ब्रेन ट्यूमर के लक्षण व कारण – Brain Tumor Symptoms in Hindi

बच्चों में ब्रेन ट्यूमर के लक्षण और कारण

Early Brain Tumor Symptoms in Hindi Not to Ignore

सिर में तेज दर्द, थकान, उल्टी आना, दौरे पड़ना ये सभी ब्रेन ट्यूमर के लक्षण हैं| ब्रेन ट्यूमर, दिमाग में एक प्रकार की गांठ होती है और यह गाँठ दो तरह की होती है- कैंसर वाली तथा दूसरी नॉन कैंसर वाली|

ब्रेन ट्यूमर के लक्षण कई लोगों में दिखाई तो देते हैं लेकिन लोग इनको सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं| ब्रेन ट्यूमर के ज्यादातर मामले तब संज्ञान में आते हैं जब ट्यूमर काफी बढ़ चुका होता है| आज के मशीनी युग में ब्रेन ट्यूमर का सर्जरी से इलाज किया जा सकता है लेकिन अगर ट्यूमर बढ़ गया तो यह जानलेवा साबित होता है|

ब्रेन ट्यूमर के कारण –

मस्तिष्क में होने वाले इस कैंसर के कई कारण हो सकते हैं| यह अनुवांशिक भी है अर्थात अगर आपके परिवार में पहले से किसी को ब्रेन ट्यूमर हुआ है तो आपको भी ट्यूमर होने के चांस बढ़ जायेंगे|

ब्रेन ट्यूमर किसी विषाणु की वजह से भी सकता है| कई बार किसी दूषित चीज़ के श्वसन से भी ब्रेन ट्यूमर हो जाता है या फिर किसी खतरनाक केमिकल के इस्तेमाल या खतरनाक रेडिएशन की वजह से भी ब्रेन ट्यूमर हो जाता है|

ब्रेन ट्यूमर में दिमाग की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं| ट्यूमर के दौरान, दिमाग की कुछ कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ती जाती हैं इससे दिमाग पर दवाब पड़ने लगता है| दिमाग पर दबाब पड़ने से रोगी की मानसिक स्थिति भी बिगड़ सकती है|

दिमाग दो ही कारणों से काम करना बंद करता है या तो उस पर बहुत ज्यादा दवाब पडने लगे या फिर उसके कार्य में कोई कोशिकाएं या अन्य ग्रंथि बाधा डालें| शारीरिक तौर पर ब्रेन ट्यूमर का कोई लक्षण ऐसे दिखाई नहीं देता लेकिन आप इसे महसूस कर सकते हैं|

ब्रेन ट्यूमर होने की उम्र –

वैसे तो ब्रेन ट्यूमर किसी भी उम्र के पुरुष अथवा महिला को हो सकता है लेकिन ऐसा देखा गया 50 की उम्र से ज्यादा आयु वाले लोगों में ब्रेन ट्यूमर होने के चांस ज्यादा होते हैं| कई मामलों में 2 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों में भी ट्यूमर पाया गया है|

ब्रेन ट्यूमर के लक्षण –

आइये ब्रेन ट्यूमर के प्रारम्भिक लक्षणों पर प्रकाश डालते हैं ताकि आप जान सकें कि इनकी पहचान किस प्रकार करनी है –

Brain Tumor Ke Lakshan

सिर में तेज दर्द – आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में सिर में दर्द होना एक सामान्य सी बात हो गयी है| अब तो लगभग सभी लोगों को कभी ना कभी सिर में दर्द हो ही जाता है लेकिन कई बार जब यह दर्द भयकंर हो जाये या यूँ कहिये कि सिर में असहनीय दर्द होने लगे इसे भूलकर भी नजरअंदाज ना करिये क्यूंकि यह ब्रेन ट्यूमर की पहचान है|

ब्रेन ट्यूमर में सुबह के समय सिर में तेज दर्द होता है क्यूंकि रोगी के दिमाग पर लगातार दवाब पड़ रहा होता है| इसलिए अगर किसी व्यक्ति को सुबह के समय तेज सिर दर्द हो तो एक बार डॉक्टर से इसकी जांच जरूर करा लें|

मितली या उल्टी आना – सुबह के समय उल्टियां आना कोई सामान्य बात नहीं है| अगर ऐसा रोजाना होने लगे तो आपको ब्रेन ट्यूमर हो सकता है इसलिए जांच आवश्यक है|

धुंधला दिखाई देना – पूरे शरीर का कण्ट्रोल दिमाग के ही हाथ में होता है| जब ऑक्सिपिटल के आस पास ट्यूमर फैलने लगता है तो व्यक्ति को कम दिखाई देने लगता है|

केवल एक आँख में परेशानी होना – ब्रेन ट्यूमर रोगी को कई बार केवल एक आँख से दिखना कम या फिर पूरा बंद हो जाता है जबकि दूसरी आँख सामान्य काम कर रही होती है| अगर ऐसे लक्षण दिखें तो जांच कराएं|

दौरे पड़ना – दिमाग जब सही से काम नहीं करना तो शरीर अपना संतुलन खोने लगता है और रोगी को दौरे जैसे पड़ने लगते हैं| दौरे पड़ना भी ब्रेन ट्यूमर की ही निशानी है|

हाथ पैर फड़कना – जब आप अपने शरीर को एक स्थिति से दूसरी स्थिति में लाते हैं जैसे बैठते से उठते हैं या लेटते हैं तो रोगी के हाथ पैर फड़कने लगते हैं| यह मस्तिष्क में होने वाले ट्यूमर की निशानी है|

लड़खड़ा कर चलना – जैसा कि हमने पहले भी बताया कि ट्यूमर में रोगी की मानसिक स्थिति बिगड़ जाती है| इस समय अब रोगी को अपने पैरों का संतुलन बनाने में भी परेशानी आती है और रोगी लड़खड़ा कर चलता है|

शरीर में सुस्ती – रोगी को शरीर में हमेशा सुस्ती महसूस होती है| रक्तचाप यानि ब्लड प्रेशर का संतुलन भी बिगड़ जाता है और महिलाओं में मासिक धर्म में अनियमितता होने लगती है|

मानसिक संतुलन खोना – ब्रेन ट्यूमर जब ज्यादा बढ़ जाता है तो रोगी का मानसिक संतुलन भी बिगड़ने लगता है और रोगी अजीब हरकतें करने लगता है| उसे सामान्य चीज़ों से भी डर सा लगता है|

बोलने में परेशानी – रोगी का ट्यूमर जब टैंपोरल तक पहुंच जाता है तो बोलने में भी परेशानी होती है| रोगी शब्दों का उच्चारण सही से नहीं कर पता है|

कुछ नया सीखने में परेशानी – रोगी को छोटी छोटी चीज़ें सीखने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है| रोगी छोटे छोटे जोड़-घटाना जैसी चीज़ें भी नहीं कर पाता है| कई बार रोगी पुरानी याद चीज़ों को भी भूलने लगता है|

सुनने में परेशानी – जब ट्यूमर बहुत अधिक बढ़ जाता है तो यह टैंपोरल तक फ़ैल जाता है| अब रोगी को सुनने में भी परेशानी होने लगती है और कई बार तो रोगी को सुनाई ही नहीं देता है|

यह सब ब्रेन ट्यूमर के प्रमुख लक्षण हैं| ऐसे कोई भी लक्षण आपको खुद में या अपने किसी सगे सम्बन्धी में देखने को मिलें तो बिना देरी किये डॉक्टर से संपर्क करिये क्यूंकि ब्रेन ट्यूमर का इलाज कीमोथेरेपी और सर्जरी के माध्यम से किया जा सकता है|

तो मित्रों इस लेख में हमने आपको ब्रेन ट्यूमर से जुड़ी बातों को विस्तार से बताया| इस जानकारी को पढ़कर इसे सोशल मिडिया पर शेयर करना ना भूलें क्यूंकि हो सकता है किसी व्यक्ति को इस जानकारी की बहुत अधिक आवश्यकता हो| अगर आपके कुछ सवाल हैं तो आप हमसे कमेंट करके पूछ सकते हैं| धन्यवाद!!

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