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कठिनाइयों में छिपा होता है बड़ा सबक Prernadayak Hindi Lekh


इस दुनिया में शायद ही कोई इंसान होगा जिसके जीवन में कठिनाइयाँ ना हों। जब तक जीवन चलता है सुख और दुःख दोनों साथ चलते रहते हैं। लेकिन हर कठिनाई के साथ एक अच्छा सबक छिपा होता है। इतिहास गवाह है कि जिस व्यक्ति ने अपनी कठिनाइयों का सामना करके उनसे पार पाया है वही आगे जाके सफल हुआ है।

यूँ तो कठिनाई आने पर हर इंसान विचलित हो जाता है, आप भी और मैं भी। लेकिन हमें कठिनाइयों से लड़ना सीखना है, आइये आज इस विषय पर थोड़ा गौर फरमाते हैं –

क्या करें जब आप कठिनाइयों से घिरे हों

खुद को दें सलाह –

स्वामी विवेकानन्द ने कहा है कि अगर कोई शख्स आपकी सच्ची मदद कर सकता है तो वो हैं खुद “आप”। जब आप किसी कठिनाई में फँसे हों तो थोड़ी देर के लिए भूल जाइये कि आप मुसीबत में हो और अपनी सारी परेशानियाँ मुझ पर डाल दीजिये। ये सोचिये मैं यानि “पवन कुमार” मुसीबत में है तो अब आप मुझे क्या सलाह देंगे। ठन्डे दिमाग से सोचिये मुझे कठिनाई से निकलने की सलाह दीजिये। फिर देखिये आप खुद ही अपनी समस्या का समाधान कर लेंगे।

समस्या मेरे साथ ही क्यों?

बहुत सारे लोग अक्सर मन ही मन खुद को कोसते हैं कि सारी समस्यांए मेरे साथ ही क्यों होती हैं? लेकिन ये सच नहीं है- दरअसल हर इंसान को अपनी समस्या ही सबसे बड़ी लगती है और ऐसा इसलिए है क्यूंकि आप दूसरे लोगों की परेशानियों को नहीं जानते। एक बात हमेशा ध्यान रखिये कि समस्या को आसान मान लें तो वो वास्तव में आसान लगने लगती है और मुश्किल मान लें तो समस्या खुद ब खुद बड़ी लगने लगती है।

जिंदगी एक क्रिकेट का गेम है –

हमारी जिंदगी एक क्रिकेट के खेल की तरह है और क्रिकेट की बॉल कठिनाइयों की तरह। अगर आपको रन बनाने है तो बॉल का सामना तो करना ही होगा। बॉल से डरिये नहीं बल्कि आगे बढ़कर एक लम्बा छक्का लगाइये।

कठिनाइयों के छिपे होते हैं अच्छे अवसर –

आसान काम तो हर कोई कर लेता है, मजा तो जब आता है जब आप किसी बहुत कठिन काम को सफलतापूर्वक पूरा करें। जब कठिनाई आये तो यही सोचे कि “आसान काम तो हर कोई कर लेता है” मुझे तो कठिनाइयों को हराना है। आप चाहे कोई बिजनैसमैन हों या स्टूडेंट हर कठिनाई के पीछे बहुत सारे बड़े अच्छे अवसर छिपे होते हैं।

दोस्तों के साथ करिये कठिनाइयां शेयर –

अभी कुछ दिन पहले की बात है कि मैं एक सॉफ्टवेयर पे काम कर रहा था और मैं एक परेशानी में फंस गया। बहुत कोशिश के बाद भी मैं उस प्रॉब्लम को हल नहीं कर पा रहा था। ऐसे ही 3 दिन गुजर गए फिर मैं अपने एक मित्र के घर गया और मैंने अपनी परेशानी उसे बताई और उसने 1 सेकेण्ड में मेरी परेशानी सॉल्व कर दी। दरअसल प्रॉब्लम बहुत छोटी सी थी लेकिन उसका हल मेरे दिमाग में नहीं आ रहा था। दोस्तों कई बार परेशानी आने पर हमारा दिमाग सही से काम नहीं कर पाता, तो आप अपने किसी करीबी मित्र या परिवार के लोगों से समस्या शेयर कीजिये। क्या पता आपकी परेशानी भी बहुत छोटी हो जिसका हल आपके दिमाग में नहीं आ रहा हो।

तो दोस्तों कठिनाइयाँ देखकर परेशान ना होइए बल्कि अपनी पूरी क्षमता के साथ कठिनाइयों को हल करिये। यकीन मानिये, हर कठिनाई से आपको कुछ नया सीखने को मिलेगा।
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19 Comments

  1. dinesh January 14, 2016
  2. priya patil January 17, 2016
  3. Sauravkumar January 29, 2016
  4. pooja mehra April 6, 2016
  5. arvan.kumar April 9, 2016
  6. swati krishnan April 19, 2016
  7. kumendra May 24, 2016
  8. Bhagwan lal meneria July 20, 2016
  9. aman August 2, 2016
  10. rajeev kumar August 17, 2016
  11. ajay August 30, 2016
  12. Dhani basel October 13, 2016
  13. SHIV KUMAR MOUTYA October 16, 2016
    • Ravi Bhatia October 22, 2016
  14. nidhi October 20, 2016
  15. shopat swami October 23, 2016
  16. Rahul jaiswar November 26, 2016
  17. sajjan tiwari December 25, 2016
    • Pawan Kumar December 25, 2016